बहादुरगढ़, 31 अगस्त
बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण को लेकर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल यानी NGT ने सख्त रुख अपनाया है। औद्योगिक इकाइयों में पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन और प्रदूषण फैलाने के आरोपों की जांच के लिए एक चार सदस्यीय संयुक्त कमेटी का गठन किया गया है। कमेटी को 26 अक्तूबर को होने वाली अगली सुनवाई से पहले सभी औद्योगिक इकाइयों का निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपनी होगी।
बहादुरगढ़ के HSIIDC औद्योगिक क्षेत्र में करीब 2,500 उद्योग संचालित हो रहे हैं। इन इकाइयों पर वायु और जल प्रदूषण से जुड़े पर्यावरणीय नियमों के उल्लंघन के आरोप लगाए गए हैं। NGT की प्रधान पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए राज्य सरकार को संयुक्त कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं, ताकि औद्योगिक क्षेत्र में प्रदूषण की वास्तविक स्थिति और नियमों के अनुपालन की जांच की जा सके।
कमेटी में केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ और जिला प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे। जिला कलेक्टर इस कमेटी के नोडल अधिकारी के तौर पर काम करेंगे। NGT ने कमेटी को आठ सप्ताह के भीतर निरीक्षण पूरा करने और अगली सुनवाई से कम से कम एक सप्ताह पहले अपनी रिपोर्ट दाखिल करने को कहा है।
बहादुरगढ़ के सैक्टर 2 में रहने वाले याचिकाकर्ता हरिन्द्र कुमार ने आरोप लगाया गया है कि बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र में कुछ इकाइयां वायु अधिनियम 1981 और जल अधिनियम 1974 के प्रावधानों का पालन नहीं कर रही हैं। कुछ इकाइयों पर पर्यावरणीय नियमों की अनदेखी करने और GPS से लैस तस्वीरों के जरिए निरीक्षण प्रक्रिया को प्रभावित करने के आरोप भी लगाए गए हैं। इसके अलावा रात के समय इकाइयों में निरीक्षण नहीं होने का फायदा उठाकर औद्योगिक कचरे के खुले में जमा होने और उसके प्रबंधन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं।
NGT ने संयुक्त कमेटी को औद्योगिक इकाइयों की मैन्युफैक्चरिंग प्रक्रिया, ईंधन का इस्तेमाल, प्रदूषण नियंत्रण उपकरण, चिमनियों से निकलने वाला उत्सर्जन, फ्यूजिटिव एमिशन और सहमति से जुड़ी शर्तों की मौके पर जाकर जांच करने के निर्देश दिए हैं।दरअसल, दिल्ली-NCR में सितंबर-अक्तूबर के दौरान हवा की गुणवत्ता खराब होने और स्मॉग का खतरा बढ़ने के बीच औद्योगिक प्रदूषण पर भी सवाल उठते रहे हैं।
NCR ने इससे पहले भी प्रदूषण के सभी स्रोतों को लेकर विस्तृत एक्शन टेकन रिपोर्ट तैयार करने पर जोर दिया था। अब बहादुरगढ़ के औद्योगिक क्षेत्र की इकाइयों की जांच के बाद सामने आने वाली रिपोर्ट से यह साफ हो सकेगा कि यहां प्रदूषण के लिए जिम्मेदार स्रोत कौन-कौन से हैं और कितनी औद्योगिक इकाइयां पर्यावरणीय मानकों का पालन कर रही हैं। यानी आने वाले दिनों में बहादुरगढ़ की औद्योगिक इकाइयों पर जांच का शिकंजा और कस सकता है।
अब सबकी नजरें संयुक्त कमेटी की रिपोर्ट और 26 अक्तूबर को होने वाली NGT की अगली सुनवाई पर रहेंगी।
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