पानीपत, 27 अगस्त
पानीपत में कुछ दिन पहले खुले गंदे नाले में महिला के गिरने की घटना के बाद नगर निगम प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। नगर निगम कमिश्नर ने देर रात मौके पर पहुंचकर नालों को ढकने के कार्य का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान कुछ नाले ढके हुए मिले, लेकिन कई स्थानों पर अभी भी काम अधूरा था।
नगर निगम कमिश्नर ने ठेकेदार को अब एक सप्ताह के भीतर सभी खुले नालों को कवर करने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निर्धारित समय में काम पूरा नहीं हुआ तो ठेकेदार पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा और कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
डॉ. पंकज यादव ने कहा कि कुछ दिन पहले हुई घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण थी और नगर निगम की ओर से ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए थी। घटना का संज्ञान लेते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए गए। उन्होंने कहा कि क्षेत्र काफी कंजस्टेड है और पानी की निकासी में तकनीकी दिक्कतें हैं, लेकिन जान-माल की सुरक्षा के मामले में कोई बहाना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
कमिश्नर ने कहा कि जहां अतिरिक्त मैनपावर की जरूरत थी, वहां उसे तैनात नहीं किया गया। अब अतिरिक्त मैनपावर और मशीनरी तैनात कर काम तेजी से कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सफाई, ढक्कन हटाने और दोबारा ढक्कन लगाने का काम ठेकेदार के वर्क ऑर्डर में शामिल है। निगम को जो भी अतिरिक्त खर्च आएगा, वह ठेकेदार के भुगतान से काटा जाएगा।
कमिश्नर ने बताया कि कई स्थानों पर स्लैब लगाए जा चुके हैं और करीब 22 और स्लैब मौके पर लगाए जाने हैं। एक तरफ का काम जल्द पूरा होने की उम्मीद है, जबकि दूसरी तरफ के काम को भी आवंटित कर दिया गया है। भविष्य में नाले की सफाई के लिए ढक्कन हटाए जाने के बाद उसे खुला नहीं छोड़ा जाएगा और सफाई के साथ ही ढक्कन वापस लगाया जाएगा।
कमिश्नर ने कहा कि पहले ठेकेदार को 15 दिन की समय-सीमा दी गई थी, लेकिन जनता को पहले ही काफी परेशानी हो चुकी है। पानी की निकासी से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए अतिरिक्त मैनपावर और मशीनरी लगाई गई है और इंजीनियरिंग विंग के अनुसार अगले दो दिनों में जरूरी कनेक्शन का काम भी पूरा कर लिया जाएगा।
डॉ. यादव ने कहा कि ठेकेदार पर नियमानुसार जुर्माना लगाया जाएगा। उन्होंने संकेत दिया कि जुर्माने की राशि 50 हजार से लेकर 5 लाख रुपये या परिस्थितियों के अनुसार इससे अधिक भी हो सकती है। एक सप्ताह में नालों को पूरी तरह कवर नहीं किया गया तो सबसे कड़ा जुर्माना लगाने के साथ कंपनी को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
निगम कमिश्नर ने कहा कि जनता की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। खुले नालों को समय पर कवर नहीं किया गया तो जिम्मेदार ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई तय है।
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