भिवानी,10 अगस्त
भिवानी में सफाई कर्मचारियों और फायर ब्रिगेड कर्मचारियों का विरोध प्रदर्शन लगातार जारी है। हड़ताल के पांचवें दिन कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और पुतला दहन कर अपना विरोध जताया। कर्मचारियों का कहना है कि 13 मई को सरकार के साथ हुए समझौते में उनकी कई मांगों को मान लिया गया था, लेकिन करीब तीन महीने बीतने के बावजूद मांगों को लागू करने के लिए कोई परिपत्र जारी नहीं किया गया।
सफाई कर्मचारी प्रधान पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि सरकार समझौते से पीछे हटती नजर आ रही है। उन्होंने कच्चे कर्मचारियों को पक्का करने और ठेका प्रथा समाप्त करने की मांग उठाई। उनका कहना है कि ठेका प्रथा के कारण कर्मचारियों का शोषण हो रहा है। उन्होंने कहा कि पुतला दहन सरकार के लिए चेतावनी है। अगर समय रहते मांगों के परिपत्र जारी नहीं किए गए तो हड़ताल अनिश्चितकालीन की जा सकती है और इसकी जिम्मेदारी हरियाणा सरकार की होगी।
कर्मचारियों ने बताया कि हड़ताल के चलते भिवानी जिले में सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। उनका कहना है कि भिवानी, लोहारू समेत जिले के विभिन्न क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पर असर पड़ा है। कर्मचारियों ने ऑटो-टीपर सेवाएं भी बंद रखने की बात कही।पुरुषोत्तम दानव ने कहा कि पुतला दहन फिलहाल सरकार को चेताने के लिए किया गया है, लेकिन अगर मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आने वाले समय में आंदोलन और बड़ा किया जाएगा।
वहीं फायर ब्रिगेड भिवानी के जिला प्रधान अजय श्योराण ने भी सरकार पर समझौते की शर्तें पूरी नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि 13 मई को हुए समझौते में करीब 17 मांगों को सरकार द्वारा मानने की बात कही गई थी और उन्हें पूरा करने के लिए समय मांगा गया था।
अजय श्योराण के मुताबिक सरकार ने 30 जून तक मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक एक भी परिपत्र जारी नहीं हुआ। उन्होंने इसे सरकार की वादाखिलाफी बताया।उन्होंने कहा कि फायर ब्रिगेड के दो दिवंगत कर्मचारियों के परिवारों को ₹50-50 लाख की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने का आश्वासन भी दिया गया था, लेकिन इन परिवारों को अभी तक न्याय नहीं मिला है।
सफाई कर्मचारियों की मांगों को लेकर अजय श्योराण ने कहा कि कई वर्षों से पे-रोल और ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों को पक्का करना, प्रमोशन देना और अन्य मांगें प्रमुख हैं। कर्मचारियों का दावा है कि सरकार ने 13 मई को 15 दिन के भीतर कर्मचारियों को पक्का करने का आश्वासन दिया था, लेकिन वह भी पूरा नहीं हुआ।
यह आंदोलन सरकार की वादाखिलाफी के खिलाफ है। साथ ही कर्मचारियों ने आमजन से अपील की है कि हड़ताल के कारण होने वाली परेशानी के लिए कर्मचारियों की बजाय सरकार को जिम्मेदार माना जाए और आंदोलन में सहयोग किया जाए।
अब देखना होगा कि कर्मचारियों की इस चेतावनी के बाद सरकार उनकी मांगों पर क्या कदम उठाती है और हड़ताल कब तक जारी रहती है।
अन्य खबरें जानें-
ਟੀ.ਵੀ ਅਭਿਨੇਤਰੀ ਨੇ ਤਲਾਕ ਦੀ ਖ਼ਬਰ ‘ਤੇ ਗੁੱਸਾ ਜ਼ਾਹਰ ਕਰਦੇ ਹੋਏ ਸਾਂਝੀ ਕੀਤੀ ਪੋਸਟ, ਦਿੱਤੀ ਲੋਕਾਂ ਨੂੰ ਚੇਤਾਵਨੀ


