मोहाली : आज के दौर में करियर केवल अपने देश तक सीमित नहीं रह गया है। दुनिया तेजी से जुड़ रही है और युवाओं की आकांक्षाएं भी वैश्विक स्तर पर बढ़ रही हैं। इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली ने छात्रों के लिए एक खास पहल शुरू की है ‘स्टडी इन सीजीसी, वर्क इन जापान’ प्रोग्राम।
इस कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को पढ़ाई के साथ-साथ जापान जैसे विकसित और तकनीकी रूप से अग्रणी देश में करियर बनाने के अवसर उपलब्ध कराना है। इसके लिए सीजीसी यूनिवर्सिटी ने जापान की 100 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों के साथ सहयोग स्थापित किया है। इन साझेदारियों के माध्यम से छात्रों को जापान में रोजगार के बेहतर अवसर मिलेंगे।
आईटी, इंजीनियरिंग, मैन्युफैक्चरिंग, हेल्थकेयर और नई उभरती तकनीकों जैसे क्षेत्रों में छात्रों के लिए विशेष भर्ती अवसर तैयार किए जाएंगे। इससे छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काम करने और अपने करियर को नई दिशा देने का मौका मिलेगा।
इस पहल की एक और बड़ी खासियत है कि सीजीसी यूनिवर्सिटी ने अपने परिसर में भारत का पहला जापानी भाषा केंद्र स्थापित किया है। इसका उद्देश्य छात्रों को जापानी भाषा और संस्कृति से परिचित कराना है ताकि वे जापान में काम करने और वहां के पेशेवर माहौल के साथ आसानी से तालमेल बिठा सकें।
विश्वविद्यालय का मानना है कि केवल भाषा सीखना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि छात्रों में वैश्विक सोच, सांस्कृतिक समझ और पेशेवर आत्मविश्वास विकसित करना भी जरूरी है। यही कारण है कि यह कार्यक्रम छात्रों के समग्र विकास पर केंद्रित है।
इस कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के संस्थापक एवं फादर ऑफ एजुकेशन सरदार रशपाल सिंह धालीवाल, प्रबंध निदेशक अरश धालीवाल, कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. सुशील पराशर, प्रो वाइस चांसलर डॉ. प्रदीप रेड्डी सीएच तथा एसोसिएट डीन डॉ. विकासदीप सिंह मान की मौजूदगी में किया गया।
कार्यक्रम में भारत और जापान के उद्योग जगत से जुड़े कई प्रतिष्ठित प्रतिनिधियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें निची-इन सॉफ्टवेयर सॉल्यूशंस के प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री गिरी, केमुरी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री एत्सु कोबायाशी, एंडो इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री सतबीर, मोसाइक प्राइवेट लिमिटेड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री हिरो इशिदा, श्री मधुकर तथा सुश्री मनीषा शामिल रहे। उनकी उपस्थिति ने भारतीय प्रतिभाओं और जापानी उद्योग जगत के बीच बढ़ते सहयोग तथा नए अवसरों की संभावनाओं को और अधिक मजबूत किया।
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सरदार रशपाल सिंह धालीवाल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य छात्रों को वैश्विक अवसरों के लिए तैयार करना है। उन्होंने कहा कि यह पहल युवाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने और अपने सपनों को साकार करने का मंच प्रदान करेगी।
प्रबंध निदेशक अरश धालीवाल ने कहा कि आज शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत संबंध समय की आवश्यकता है। जापान की कंपनियों के साथ स्थापित साझेदारियां छात्रों को विश्वस्तरीय अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी। कार्यकारी उपाध्यक्ष डॉ. सुशील पराशर ने कहा कि जापान में कुशल पेशेवरों की बढ़ती मांग भारतीय युवाओं के लिए एक बड़ा अवसर है। यह कार्यक्रम छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ भाषा कौशल, सांस्कृतिक समझ और अंतरराष्ट्रीय कार्य संस्कृति का अनुभव भी प्रदान करेगा।
‘स्टडी इन सीजीसी, वर्क इन जापान’ प्रोग्राम के माध्यम से सीजीसी यूनिवर्सिटी, मोहाली एक बार फिर छात्रों को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने की अपनी प्रतिबद्धता को मजबूत कर रही है। उद्योग सहयोग, भाषा प्रशिक्षण और अंतरराष्ट्रीय करियर अवसरों को एक साथ जोड़ते हुए यह पहल छात्रों को वैश्विक सफलता की दिशा में नई पहचान और नई संभावनाएं प्रदान करेगी।



