Jhajjar RSS Anniversary:
राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक उत्साह के अभूतपूर्व संगम के बीच रविवार को झज्जर शहर उस समय भगवामय हो उठा जब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के 100 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विशाल हिन्दू सम्मेलन का आयोजन किया गया। स्थानीय जन सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम ने न केवल शहर बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भी विशेष उत्साह का वातावरण निर्मित कर दिया।
नगर यात्रा में उमड़ा सैलाब, गूंजे जयघोष
कार्यक्रम की शुरुआत भव्य नगर यात्रा से हुई। सुबह से ही स्वयंसेवकों, महिलाओं, युवाओं और बच्चों का उत्साह देखते ही बन रहा था। भगवा ध्वज और बैंड-बाजों के साथ निकली यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरी। “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के उद्घोष से पूरा वातावरण गुंजायमान हो उठा।
नगर यात्रा के दौरान विभिन्न स्थानों पर समाजसेवी संगठनों और नागरिकों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकारों ने धार्मिक गीतों पर आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। झांकियों के माध्यम से भारतीय संस्कृति, इतिहास और सनातन परंपराओं की झलक प्रस्तुत की गई, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
महिलाओं की कलश यात्रा बनी आयोजन का आकर्षण
सम्मेलन में महिलाओं की सक्रिय और प्रभावशाली भागीदारी देखने को मिली। सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर भव्य कलश यात्रा निकाली। पारंपरिक परिधान और भक्ति गीतों के साथ निकली यह यात्रा आयोजन का प्रमुख आकर्षण रही। महिलाओं ने समाज में संस्कार, समरसता और सांस्कृतिक मूल्यों को सशक्त करने का संकल्प लिया।
सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरण पर जोर
मुख्य सम्मेलन सत्र में वक्ताओं ने हिन्दू समाज में नई ऊर्जा का संचार करने, जाति-भेद समाप्त करने और सामाजिक एकता को सुदृढ़ करने की आवश्यकता पर बल दिया। वक्ताओं ने कहा कि देश के सुदूर गांवों और बस्तियों से लेकर महानगरों तक ऐसे हिन्दू सम्मेलन आयोजित कर समाज को संगठित और जागरूक करने का अभियान चलाया जा रहा है।
मंच से सनातन धर्म के मूल सिद्धांतों, पारिवारिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के संरक्षण का संदेश दिया गया। समाज के प्रत्येक वर्ग—व्यापारी, किसान, शिक्षक, युवा, महिलाएं और बच्चे—की भागीदारी को सम्मेलन की सबसे बड़ी उपलब्धि बताया गया।
राव मंगलीराम पार्क में भंडारे के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन झज्जर स्थित राव मंगलीराम पार्क में आयोजित विशाल भंडारे के साथ हुआ। हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया और आयोजन की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त की।
आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि आरएसएस के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में वर्षभर विभिन्न सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनका उद्देश्य समाज में एकता, समरसता और राष्ट्रभक्ति की भावना को और अधिक सुदृढ़ करना है।
पूरे कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक सहयोग और स्वयंसेवकों की अनुशासित व्यवस्था ने आयोजन को सफल और सुव्यवस्थित बनाए रखा। झज्जर में आयोजित यह हिन्दू सम्मेलन न केवल धार्मिक आयोजन रहा, बल्कि सामाजिक जागरण और सांस्कृतिक एकात्मता का एक सशक्त संदेश भी बनकर उभरा।
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