34 साल बाद भारत की बेेटियां रचेंगी इतिहास!

ब्यूरो रिपोर्ट/लिविंग इंडिया न्यूज : भारत और भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए आज काफी अहम दिन है। जिस घड़ी का इंतज़ार भारत सालों से कर…

ब्यूरो रिपोर्ट/लिविंग इंडिया न्यूज : भारत और भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए आज काफी अहम दिन है। जिस घड़ी का इंतज़ार भारत सालों से कर रहा था आज वह दिन भारतीय महिला क्रिकेट टीम के पास है। अब इंतज़ार है कि भारतीय महिला टीम इतिहास बनाएगी। 44 साल की वूमेन्स वर्ल्ड कप की हिस्ट्री में ये दूसरा मौका है जब टीम इंडिया फाइनल में पहुंची है। खेल प्रेमी इस सवाल का जबाव ढूंढ रहे हैं कि क्या साल 2005 में ऑस्ट्रेलिया से हुई हार का बदला भारतीय टीम आज ले पाएगी। आपको बता दें कि 2005 के फाइनल मुकाबले में भारत 98 रनों से हार गया था।

मौका भी है और दस्तूर भी

आज मौका भी है और दस्तूर भी और सारा देश भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए दुआएं कर रहा है। बता दें कि आज वूमन्स क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल भारत और मेजबान इंग्लैंड की टीम के बीच लॉर्ड्स के मैदान पर खेला जाएगा। 34 साल पहले कपिल देव की कप्तानी में टीम इंडिया ने इसी ग्राउंड पर भारत के लिए पहला वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा था। आज मिताली राज की कप्तानी में भारतीय महिला टीम उसी इतिहास को दोहराने से सिर्फ एक कदम दूर है। वर्ल्ड कप हिस्ट्री में ये दूसरा मौका है जब भारत इस टूर्नामेंट के फाइनल में पहुंचा है। इससे पहले साल 2005 में भारतीय टीम फाइनल में पहुंची थी, लेकिन तब वो ऑस्ट्रेलिया से हार गई थी। टूर्नामेंट में भारतीय टीम का सफर बेहद शानदार रहा है और हर मैच में भारत को एक नया मैच विनर प्लेयर मिला। इंग्लैंड की टीम इससे पहले तीन बार (1973, 1993 और 2009) वर्ल्ड कप का खिताब जीत चुकी है और चौथी बार फाइनल में है। इससे पहले इंग्लैंड में दो बार इस टूर्नामेंट का आयोजन हुआ है और दोनों ही बार मेजबान टीम ने ही खिताब जीता था। टीम इंडिया की बात करें तो अगर ये टीम मैच जीत जाती है तो ये उसका पहला वर्ल्ड कप खिताब होगा।

बेहतरीन भविष्य का दिख रहा है रास्ता

वैसे पुरानी भारतीय महिला क्रिकेट की स्थिति को देखा जाए तो उनका प्रदर्शन संतोषजनक नहीं था। ऐसा भारतीय महिला क्रिकेट टीम के साथ ही नहीं हुआ पुरुष टीम भी इस दौर से गुज़र चुकी है। 1983 से पहले ना तो पुरूष क्रिकेटर्स को ज्यादा लोग जानते थे और ना ही उन्हें ज्यादा पैसा मिलता था, लेकिन 1983 में लॉर्ड्स में फाइनल जीतने के बाद भारत में क्रिकेट की पूरी दुनिया ही बदल गई। ठीक ऐसी ही उम्मीद अब भारतीय महिला क्रिकेटर्स को दिख रही है। अगर आज का मैच भारत जीत जाता है तो महिला क्रिकेट के भविष्य का शानदार आगाज हो जाएगा। हमारे देश में पुरूष क्रिकेट को लेकर लोगों में जितना क्रेज है और उसे जितना उसे पसंद किया जाता है, उसकी तुलना में महिला क्रिकेट को देखने वाले लोग बेहद कम है। इस वर्ल्ड कप के दौरान देश में पहली बार वुमन क्रिकेट को लेकर लोगों में इंट्रेस्ट देखा जा रहा है, और देश में महिला क्रिकेट को पॉपुलर करने का इससे अच्छा मौका नहीं हो सकता। वैसे भी इतिहास गवाह है कि 1983 में लॉर्ड्स के इसी ग्राउंड पर फाइनल जीतने के बाद भारत में क्रिकेट की पूरी दुनिया ही बदल गई।

दोहराया ही नहीं, बनाया भी जाएगा इतिहास

जिक्रयोग है कि भारत ने 1983 में वर्ल्ड कप का फाइनल लंदन के लॉर्ड्स ग्राउंड पर ही जीता था, वहीं महिला क्रिकेट वर्ल्ड कप का फाइनल भी इसी ग्राउंड पर हो रहा है। उस वर्ल्ड कप में भारत ने अपने पहले मैच में वेस्टइंडीज को हराया था। बाद में फाइनल में भी उसका मुकाबला वेस्ट इंडीज से हुआ था। इस वर्ल्ड कप में भी भारत ने अपने पहले मैच में इंग्लैंड को मात दी, अब फाइनल में उसका मुकाबला इंग्लैंड से ही है। बात अगर इस टूर्नामेंट में टीम इंडिया की परफॉर्मेंस की करें तो वह भी जबरदस्त रही है। 1983 में भी कुछ ऐसा ही हुआ था, जब टीम को कभी बैट्समैन ने जीत दिलाई तो कभी बॉलर्स ने। वूमेन्स वर्ल्ड कप का आईसीसी साइट पर 3.2 करोड़ से अधिक पेज व्यू हुए और आंकड़ा अभी भी बढ़ रहा है यानी इतने करोड़ लोगों ने इसे देखा है। साइट पर 7.5 करोड़ बार वीडियो कंटेंट देखे गए। रिपोर्ट्स की मानें तो फाइनल की 50% टिकट खरीदार महिलाएं हैं। यह तीसरा मैच है जिसके सभी टिकट बिके हैं। पहले दो मैच भी भारत के ही थे। मैच के सभी 26 हजार 500 टिकट बिक चुके हैं। आईसीसी ने अनुमान जताया है कि दुनियाभर में 10 करोड़ से ज्यादा लोग यह मैच देखेंगे।

मिताली की सेना से उम्मीद

इस मैच में उतरते ही मिताली राज बतौर कप्तान 50 ओवर वाले वर्ल्ड कप के दो फाइनल खेलने वाली भारत की पहली खिलाड़ी (पुरुष/महिला) बन जाएंगी। कप्तान मिताली राज इस टूर्नामेंट में वनडे क्रिकेट के तीन रिकॉर्ड बना चुकी हैं। वे सबसे ज्यादा वनडे रन बनाने वाली वूमेन क्रिकेटर तो हैं ही साथ ही 6000 रन पूरे करने वाली पहली महिला बल्लेबाज भी बन चुकी हैं। वे लगातार सात फिफ्टी लगाने वाली पहली प्लेयर भी बन चुकी हैं। मिताली इस टूर्नामेंट में अब तक आठ मैचों में 392 रन बना चुकी हैं और उन्होंने वर्ल्डकप में अपने 1000 रन भी पूरे कर लिए हैं। वे ऐसा करने वाली पहली भारतीय बल्लेबाज हैं। उनके नाम वर्ल्ड कप में फिलहाल 1122 रन हैं।

डंका बजाने के लिए तैयार हरमनप्रीत

आज भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए करो या मरो की स्थिति बनी हुई है। ठीक ऐसी ही सेमीफाइनल मैच में हरमनप्रीत कौर ने करो या मरो जैसी कहावत को अपनी बल्लेबाज़ी से सच कर दिखाया। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जिस धुंआधार अंदाज में हरमनप्रीत कौर ने बैटिंग की थी, उसने 1983 वर्ल्ड कप के दौरान जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच में खेली कपिल देव की इनिंग की याद दिला दी। इस टूनार्मेंट में हरमनप्रीत ने सात मैचों में 308 रन बनाएं हैं। वहीं अन्य इंडियन प्लेयर्स में पूनम राउत ने 295 रन और दीप्ति शर्मा ने सात मैचों में 202 रन बनाए हैं। बॉलिंग में दीप्ति ने आठ मैचों में 12 विकेट, पूनम यादव ने आठ मैचों में नौ विकेट, एकता बिष्ट ने छह मैचों में नौ विकेट, शिखा पांडे ने छह मैचों में आठ विकेट लिए हैं।

किसमें कितना है दम

वर्ल्ड कप में भारतीय महिला टीम ने अपना पहला लीग मैच इंग्लैंड को 35 रन से हराकर ही जीता था। मैच में पहले खेलते हुए भारत ने 281 रन (50 ओवर) बनाए थे, जवाब में इंग्लैंड की टीम 246 रन (47.3 ओवर) पर ऑलआउट हो गई थी। भारत की ओर से मैच में स्मृति मंधाना ने 90 रन और पूनम राउत ने 86 रन बनाए थे। वहीं दीप्ति शर्मा ने 3 विकेट तो शिखा पांडेय ने 2 विकेट लिए थे। भारत-इंग्लैंड की टीमें आपस में 62 मैच खेल चुकी हैं। भारतीय टीम 26 मैच जीती, जबकि 34 में जीत इंग्लैंड की टीम के हाथ लगी। साथ ही 6173 रन के साथ मिताली महिला क्रिकेट में दुनिया की सबसे ज्यादा रन बनाने वाली वनडे प्लेयर हैं। 192 विकेट के साथ झूलन सबसे कामयाब गेंदबाज हैं।

 

 

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