ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: साल 2006 में प्रदेश में पुरानी पेंशन नीति को बदलकर नई पेंशन स्कीम लागू की गई थी। हालांकि न्यू पेंशन स्कीम का विरोध तो तभी से हो रहा है, लेकिन अब एक ऐसा पीड़िता सामने आया है, जिसने सरकार के दावों की पोल खोलकर रख दी है।
टोहाने के मादूवाना गांव के जगबीर सिंह का कहना है कि, उसने 34 साल सरकारी नौकरी की और फिर रिटायर हो गया, लेकिन पेंशन के नाम पर उसके साथ मजाक हो रहा है। उसे महज 1118 रुपए ही पेंशन मिल रही है, जो कि बुढ़ापा पेंशन से भी काफी कम है, जिसके कारण उसे आर्थिक परेशानी झेलनी पड़ रही है। पीड़त का कहना है कि, 1982 की पेंशन स्कीम को रद्द करके 2006 की पेंशन स्कीम लागू करके पूराने कर्मचारियों के साथ सरकार ने धोखा किया है।

