न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : पंजाब में किसानों की खुदकुशी का सिलसिला जारी है। अकेले बठिंडा में पिछले 24 घंटे में दो किसानों ने खुदकुशी कर ली। गुरूवार को बठिंडा के कालेके गांव के किसान बलविंदर सिंह ने कर्ज से परेशान होकर कीटनाशक दवाई पीकर खुदकुशी कर ली। मृतक किसान के ऊपर सात लाख का कर्ज था और उसके पास 2.30 एकड़ जमीन थी। मृतक अपने पीछे 20 वर्षीय बेटा और पत्नी को छोड़ गया है। इस घटना के बाद समूचे गांव में मातम का माहौल देखने को मिल रहा है।
दरअसल कर्ज के कारण खुदकुशी करने का सिलसिला नया नहीं है। तकरीबन रोजाना एक या दो किसान कर्ज के कारण खुदकुशी कर रहे हैं। बुधवार को ही बठिंडा के घुम्मन कलां के किसान गुरनाम सिंह ने कर्ज के कारण खुदकुशी कर ली थी। उसके ऊपर भी करीब दस लाख रूपये का कर्ज था। बठिंडा के लोग इससे उबरते कि अगले ही दिन एक और किसान कर्ज के चलते जिंदगी की जंग हार गया। मृतक के परिजनों ने बताया कि किसान पर सात लाख रूपये का कर्ज था। जिसमें चाल लाख बैंक जबकि 3 लाख आढ़ती का था।
मृतक के बेटे गगनदीप सिंह ने लिविंग इंडिया को बताया कि कर्ज के कारण पिताजी काफी परेशान रहते थे। स्थिति यह हो गई थी कि वो किसी से बातचीत नहीं करते थे। गुरूवार को वो खेतों में पानी लगाने की बात कहकर निकले थे। काफी देर तक वो नहीं लौटे तो उनका पता लगाने का कोशिश किया गया। इस दौरान पता चला कि उन्होंने कीटनाशक दवाई पीकर खुदकुशी कर ली है। उधर किसान यूनियन के प्रधान बेअंत सिंह ने पंजाब सरकार से मांग किया कि पीड़ित परिवार को दस लाख मुआवजा, सरकारी नौकरी देने और कर्जा माफ किया जाए।
