न्यूज डेस्क/ लिविंग इंडिया : Katia Darnand का खत सामने आने के बाद पंजाब के राजनीतिक गलियारों में सरगर्मी बढ़ गई है। आज के अधिकांश युवाओं को इस Horror Story का पता भी नहीं था, लेकिन Katia के खत ने उसके साथ गुजरे तमाम खौफनाक मंजर को सामने लाकर रख दिया है। इस खत से एक उम्मीद भी जगी है कि शायद 23 साल बाद ही सही Katia को न्याय मिल जाए। और Katia को न्याय दिलाने की पहल भी शुरू हो गई है।दरअसल Katia ने अपने खत में सारा कुछ लिख दिया और एक वादा भी किया है कि वो भारत आएगी। दूसरी तरफ शुक्रवार को विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा के नेतृत्व में महेशइंदर सिंह ग्रेवाल, गुरजीत कौर बाठ, परमिंदर सिंह बराड़ ने दिल्ली में महिला आयोग (National Commission for Women) की अध्यक्ष ललिता कुमारमंगलम से मुलाकात की।
इस दौरान शिष्टमंडल ने Katia के साथ हुई ज्यादती का मामला उठाया। साथ ही आयोग की अध्यक्ष से न्याय की गुहार लगाई। महिला आयोग की अध्यक्ष ने शिष्टमंडल की शिकायत के बाद Katia का वो खत भी पढ़ा, जिसे उसने वर्णिका कुंडू एपीसोड के बाद लिखा है। जिसके बाद आयोग की अध्यक्ष ने पंजाब सरकार और DGP को नोटिस जारी किया है। अब देखना होगा कि 23 साल बाद क्या Katia को इंसाफ मिलता है। क्या पुलिस उतनी ही तत्परता से दोबारा काम करती है जितना वर्णिका से छेड़छाड़ के मामले में किया था या Katia का खत समय गुजरने के साथ City Beautiful के इतिहास के किसी कोने में पड़ा रह जाएगा। क्योंकि पंजाब पुलिस की वर्दी पर आरोपों के दाग काफी गहरे हैं।

