यमुनानगर : क्या पढ़े-लिखे युवक महज शौक के चलते अपराध की दुनिया में आते हैं? इस सवाल का जवाब इसलिए जरूरी है कि यमुनानगर की पुलिस ने मंगलवार को लूट और डकैती के मामलों में वांछित तीन अपराधियों को पकड़ा। लेकिन पुलिस उस समय हैरान रह गई जब गिरफ्तार अपराधियों ने पुलिस को यह कहकर सकते में डाल दिया कि वे शौक के चलते अपराध करते हैं।

यमुनानगर पुलिस की सीआईए दो शाखा ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन युवकों को पकड़ा। तीनों पर लूट और डकैती के कई वारदातों को अंजाम देना का आरोप है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक ऑल्टो कार, एक मोटरसाइकिल, देसी कट्टा और कारतूस भी बरामद किया है। पुलिस ने बताया कि गौरव अलाहर गांव, अजरूद्दीन उर्फ अजरू टोपरा कला का रहने वाला है। जबकि शुभम उर्फ शुघन कांजनु का रहने वाला है। तीनों हथियारों से लैस होकर लूट को अंजाम देते थे।
हैरानी की बात यह है कि तीनों ने पुलिस को पूछताछ के दौरान बताया कि वो शौक के लिए अपराधी बने हैं। अब वो सच बोल रहे हैं या झूठ, यह तो जांच के बाद ही सामने आएगा, लेकिन इनके बयान से पुलिस की चिंता जरूर बढ़ गई है। पुलिस ने बताया कि तीनों को जठलाना कन्ड्रोली रोड से लूट की योजना बनाने के दौरान पकड़ा गया। तीनों ने अभी तक करीब एक दर्जन वारदात में शामिल होने की बात कबूली है। जिसमें राहगीरों से लूटपाट, बैंक मैनेजर से कैश छीनने, कार और बाइक चोरी की घटनाएं शामिल है।
