संगरूर: पर्यावरण मंत्रालय की रिपोर्ट में पंजाब के सबसे प्रदूषित 9 जगहों में एक नाम संगरूर का भी है। इसके कई कारण है। फैक्ट्री और गाड़ियों से निकलने वाला धूआं, कचरा, कैमिकेल वेस्ट साथ ही फसलों के अवशेष को जलाना भी प्रमुख है। हालांकि अब इस पर राजनीति भी जारी है लेकिन लोगों की परेशानी कम नहीं हो रही है।
केंद्र सरकार की एक लिस्ट में सबसे प्रदूषित जगहों में पंजाब का संगरूर भी शामिल है। मामले की पड़ताल में सामने आया है कि गाड़ियों और फैक्ट्रियों से निकलने वाले विषैले गैस और रासायनिक तत्व तो प्रदूषण के प्रमुख कारक हैं ही बल्कि फसलों को जलाने से निकलने वाला धूआं भी संगरूर की हवा को दूषित करने में अहम रोल निभा रहा है
हालांकि बढ़ती प्रदूषण की समस्या का समाधान तो नहीं हो रहा लेकिन राजनीति जरूर चल रही है। मौजूदा सांसद विजयइंदर सिंगला इसके लिए किसानों पर आरोप लगा रहे हैं। और फसलों में आग लगाने की बजाय दूसरा रास्ता अपनाने की सलाह दे रहे हैं। वहीं पूर्व विधायक का मानना है कि सरकार सिर्फ मजाक कर रही है किसानों को बिना सहूलियत के सिर्फ आदेश दे रही है।
हालांकि इस गंभीर मुद्दे का हल क्या होना चाहिए इसके लिए सरकार और कोर्ट ने किसानों को पराली ना जलाने के आदेश तो दिए लेकिन बाकि चीजों से फैलने वाले प्रदूषण से कैसे निपटा जाए इसका रास्ता नहीं निकाला गया। अब डॉक्टरों की सलाह है कि लोग अपना बचाव खुद सावधानी से करें तो बेहतर है।
अभी तो केंद्र सरकार ने संगरूर शहर को मुख्य प्रदूषित शहरों में गिना है। हालांकि आने वाले समय में धान की फसल के बाद जब फूस को आग लगायी जाएगी तो हो सकता है प्रदूषित शहरों में संगरूर का नाम पहले स्थान पर हो। अब देखना है कि बढ़ते प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदेश सरकार क्या कारगर कदम उठाती है।








