कनाडा में पंजाब पुलिस के मुलाजिमों की नो एंट्री…

न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : कुछ दिनों पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कनाडा के सांसद रामेश्वर सिंह संघा से मुलाकात की थी। इस दौरान…

न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : कुछ दिनों पहले पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कनाडा के सांसद रामेश्वर सिंह संघा से मुलाकात की थी। इस दौरान कनाडा-पंजाब के व्यापारिक और सांस्कृतिक रिश्ते मजबूत करने की बात कही गई। लेकिन क्या आप जानते हैं कनाडा जाना कितना मुश्किल भरा है। और अगर आप पंजाब पुलिस में हैं तो हो सकता है कि आपको वीजा ही ना मिले।

आप जानते हैं कि कनाडा से पंजाब का बेहद खास रिश्ता है क्योंकि यहां पंजाब के हजारों लोग रहते हैं। जबकि हर साल बड़ी संख्या में पंजाब के युवा नौकरी या पढ़ाई के लिए कनाडा जाते हैं। लेकिन पंजाब पुलिस में काम करने वालों के लिए कनाडा पहुंचना काफी मुश्किल भरा है। दरअसल एक समय पंजाब में खालिस्तान का मुद्दा काफी गरमाया था। जिसके बाद कनाडा सरकार ने वीजा देने में इतनी कड़ाई कर दी है कि पुलिस कर्मचारियों के लिए कनाडा जाना काफी मुश्किलों भरा है। इस चक्कर में बेवजह कईयों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

कुछ महीने पहले लुधियाना में रहने वाले रिटायर सीआरपीएफ अधिकारी तेजिंदर सिंह ढिल्लोन को वैंकूवर एयरपोर्ट पर इंट्री नहीं दी गई। पूछने पर इमीग्रेशन अथॉरिटी ने बताया कि वो आतंकवाद और मानवाधिकार उल्लंघन करने वाली सरकार के लिए काम कर चुके हैं। हालांकि जब भारत सरकार ने इस मसले पर हस्तक्षेप किया तो कनाडा सरकार को अपनी गलती का अहसास हुआ। तेजिंदर पहले शख्स नहीं हैं। हालात ऐसे हैं कि जालंधर जोन के IGP अर्पित शुक्ला, IGP परमराज उमरानंगल और फिरोजपुर SP कश्मीर कौर भी इंतजार में हैं कि उन्हें कब हरी झंडी मिले कनाडा जाने की।

भले ही कनाडा के सांसद संघा ने पंजाब सरकार को हरसंभव मदद देने की बात कही हो। लेकिन जिस तरह से पंजाब पुलिस के मुलाजिमों को कनाडा में नो इंट्री लगा दी गई है, उससे साफ-साफ लगता है कि आज भी कनाडा सरकार इन्हें शक की निगाह से देखती है। हालांकि कई मामलों में कनाडा सरकार ने असुविधा के लिए माफी तक मांगी, लेकिन कई ऐसे पुलिस अधिकारी भी हैं, जो अपनों से मिलने के लिए तैयार बैठे हैं। बस इंतजार है उन्हें कनाडा सरकार की हां का। इन मामलों से साफ है कि अगर आप पंजाब पुलिस में हैं तो कनाडा जाने के पहले एक नहीं सौ बार सोच लें।

 

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