न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : ऑपरेशन ब्लू स्टार में यूके (इंग्लैंड) सरकार के शामिल होने का बात तीस साल बाद कुछ खोजी पत्रकारों की मदद से सामने आया है। सरकार के शामिल होने से जुड़े कई दस्तावेज भी बाहर निकाला गया है। लेबर पार्टी ने अपने चुनावी घोषणापत्र में जिक्र भी किया था कि सरकार बनने के बाद ऑपरेशन ब्लू स्टार में थैचर सरकार की भूमिका की जांच करवाई जाएगी। एक सिख होने के नाते उन्होंने अपने पहले भाषण में इस बात का भी जिक्र भी किया था। इंग्लैंड सरकार से मांग किया गया है कि घल्लुघारे में थैचर सरकार की भूमिका की तुरंत जांच की जानी चाहिए। रविवार को फगवाड़ा में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान यूके के पहले सिख सांसद तनमनजीत सिंह ढेसी ने उक्त बातें कही।
सांसद ने सीधे तौर पर कहा कि जस्टिस डिल्येड इज जस्टिस डिनाइड, समय से इंसाफ ना देने का मतलब होता है कि आप इंसाफ नहीं देना चाहते। तनमनजीत ने कहा कि वो भले ही इंग्लैंड में जन्मे हैं, लेकिन साढ़े चार साल तक पंजाब में पढ़ाई की है। इस वजह से उनका जुड़ाव पंजाब के लोगों से है और यही कारण है कि उन्हें पंजाबी बोलने में किसी तरह की दिक्कत नहीं आ रही है। महाराजा दलीप सिंह की अस्थियों को भारत लाए जाने के मामले पर बोलते हुए कहा कि इस पर सरकार जो भी फैसला लेगी, वही मान्य होगा। चूंकि ऐसे मामलों में वकीलों की दलीलों के बाद ही फैसले लिए जाते हैं।
GST के मामले पर बोलते हुए ढेसी ने कहा कि वैसे यह मामला भारत व पंजाब सरकार के अधिकार क्षेत्र का है और यहां के जन प्रतिनिधियों को इन बातों पर फैसला लेना होता है। लेकिन वे अपील जरूर करना चाहते हैं कि लंगर व पिंगलवाडों जैसी सेवा वाली संस्थानों को छूट देनी चाहिए। NRI के मुद्दे पर बोलते हुए सांसद ढेसी ने कहा कि वे ब्रिटेन की संसद में सिखों व पंजाबियों के मसलों को उठाएंगे। ब्रिटेन के पंजाबी NRI के जमीनों के झगड़ों के मामले उनके भी ध्यान में आते हैं। इसलिए NRI को इंसाफ जरूर मिले और उनकी सुनवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कमजोरियां दोनों तरफ से होती हैं, जरूरी नहीं कि हर मामले में एक पक्ष ही सही होगा।
