पटियाला : एक बार फिर यहां का माता कौशल्या हॉस्पिटल अपने कारनामे को लेकर सुर्खियों में है। शुक्रवार की सुबह अल्ट्रासाउंड कराने आई महिलाओं ने आरोप लगाया कि हॉस्पिटल का स्टॉफ बदसलूकी कर रहा है। हालात यह हैं कि एक सप्ताह से माता अस्पताल का चक्कर लगा रहे हैं और अल्ट्रासाउंड नहीं किया जा रहा है। इसको लेकर महिलाओं ने जोरदार विरोध किया।
महिलाओं का कहना था कि रोज वो अस्पताल आती हैं, लेकिन उनके साथ टालमटोल का रवैया अपनाया जाता है। शुक्रवार को तो हद हो गई जब महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर अस्पताल की MS डॉ. अंजू गुप्ता के पास पहुंच गई। लेकिन डॉ. अंजू गुप्ता ने किसी तरह की कार्रवाई नहीं की और यहां तक कह डाला कि महिलाएं बाहर से अल्ट्रासाउंड करा लें।
महिलाओं ने बताया कि सुरक्षा और सेफ्टी के लिए इतनी स्कीमें चल रही हैं, लेकिन यह सरकारी कर्मचारी सरकार की तनख्वाह लेकर आराम से सोते रहते हैं। लोगों को जानबूझकर परेशान किया जाता है, और यह हालत है पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के शहर पटियाला की। आप समझ सकते हैं कि जब यहां ऐसा हाल है तो दूसरे शहरों का क्या हाल होगा।
मरीज परेशान हैं और अस्पताल प्रशासन दलीलें देने में लगा हुआ है। हालांकि अस्पताल की डॉ. अंजू गुप्ता ने बताया कि अल्ट्रासाउंड करने वाले स्टॉफ बिना बताए अवकाश पर चला गया है। इस कारण स्टॉफ की कमी है। जितना स्टॉफ अस्पताल में है, उसी से काम चला रहे हैं। लेकिन यहां पर डॉक्टर सुबह 11 बजे के करीब आते हैं।
हैरानी की बात यह है कि अस्पताल में डॉक्टरों के आने का टाइम क्या है तो डॉ. अंजू गुप्ता ने बताया कि सुबह 8 से लेकिन स्टॉफ मेंबर सुबह 11 बजे के करीब आते हैं। जब लोगों की परेशानी से जुड़ा सवाल किया गया तो उन्होंने बताया कि आरोपों की जांच की जा रही है। साथ ही व्यवस्था में सुधार के लिए बाहर से डॉक्टर को बुलाया जा रहा है।
ये हकीकत है उस शहर की जिससे कैप्टन अमरिंदर सिंह का नाम जुड़ा हुआ है। जाहिर है लोगों की सरकार से उम्मीदें काफी हद तक बढ़ जाती हैं। लेकिन सरकार हो या सिस्टम वो काम ही ऐसे करता है कि लोगों को बिना दिक्कत के कुछ हासिल नहीं होता। सरकार वादे कर रही है, लेकिन उसे पूरा कौन करेगा ये सरकार को पता ही नहीं है।
