Patiala (Punjab) : पंजाब में हेल्थ विभाग में काम करने वाले अधिकारियों की अनदेखी के कारण कई मामले सामने आ रहे हैं। दो दिन पहले मानसा में स्कूली बच्चे का कैल्शियम की गोली खाने से मौत का मामला अभी शांत नहीं हुआ था कि अब पटियाला में अनिल नामक व्यक्ति ने हेल्थ विभाग की अनदेखी को लेकर एक्सपाइरी दवाई देने का मामला उठाया है। दवा खाने की वजह से आज वो बिस्तर पर पड़ा रहने को मजबूर है, उसके शरीर का एक हिस्सा काम नहीं कर रहा, जिस कारण वो चल-फिर नहीं सकता। पीड़ित सरकार से इंसाफ की मांग कर रहा है।
अनिल की बीमारी ने इसे बिस्तर पर पटक दिया है, लेकिन डॉक्टर रूपी भगवान भी उसे बिस्तर से उठने नहीं देना चाहते। गनीमत है कि अभी तक अनिल की जान बची हुई है। अनिल का मामला उस शहर का है जहां महलों में विरासत बसती है। मोतीमहल में प्रदेश के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह रहते हैं। वहां पर स्वास्थ्य सेवाओं का ये हाल है। और सिस्टम दम तोड़ रहा है। बिस्तर पर पड़ा अनिल उस समय को कोस रहा है जब वह टीबी के इलाज के लिए पटियाला के टीबी अस्पताल में गया था, जहां उसे एक दवा खाने को दी गई। अनिल ने बताया कि घर के पास बनी डिस्पेंसरी से वो दवा लेता रहा. 2 महीने तक दवा खाने के बाद उसकी सेहत ठीक नहीं हुई, बल्कि ज्यादा बिगड़ गयी और आलम ये हुआ कि उसके शरीर का एक हिस्से ने काम करना बंद कर दिया।
अनिल जिस दवा को 2 महीने से खा रहा था, वो मार्च 2017 में ही एक्सपायर हो चुकी है। वो अस्पताल के डिस्पेंसरी में भी गया, मामले को बताया तो कर्मचारियों ने गलती भी मान ली लेकिन इलाज करने से इनकार कर दिया। और राजिंद्रा अस्पताल भेज दिया, अब वो चंडीगढ़ से इलाज करवा रहा है। हालांकि अब डिस्पेंसरी कर्मचारी इस मामले से पल्ला झाड़ रहे हैं उनका कहना है कि अनिल की दवाई तो एक्सपायर हो चुकी है लेकिन उसने यहां से दवा नहीं ली थी। अनिल की शादी अभी डेढ़ साल पहले ही हुई है लेकिन लचर स्वास्थ्य सेवा और लापरवाह स्वास्थ्य कर्मचारियों के रवैये के कारण वो बेड से उठ नहीं पा रहा। सवाल ये है कि अगर सीएम सीटी में इस स्वास्थ्य सेवाओं का ये हाल है तो खुश होइये की आप पटियाला में रहते हैं।


