Jind (Haryana) : सफीदों में अखिल भारतीय कांग्रेस के मीडिया प्रभारी एवं कैथल से विधायक रणदीप सुरजेवाला ने कहा है कि जीएसटी के मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सीएम मनोहर लाल खट्टर जनता पर मुसीबतों का पहाड़ न तोड़ें। इसका खामियाजा भुगतने के लिए तैयार रहें। शनिवार को वे रेलवे रोड स्थित अग्रवाल धर्मशाला में वे व्यापार बचाओ-दुकानदार बचाओ सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। इस सम्मेलन में अनेक व्यापारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। पूर्व मंत्री बचनसिंह आर्य की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन में व्यापारियों को संबोधित करते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस का दस साल पहले लाए गए जीएसटी और भाजपा के जीएसटी में रात-दिन का अंतर है।
कांग्रेस का जीएसटी सरल व हितैषी : सुरजेवाला
कांग्रेस का जीएसटी सरल व जनहितैषी था। उसमें अधिकतम टैक्स दर 18 प्रतिशत था। इसके विपरीत भाजपा का जीएसटी जटिल और महंगाई बढ़ाने वाला है। भाजपा जीएसटी के द्वारा 7 विभिन्न टैक्स दरें लागू की हैं। (0-25 प्रतिशत, 3 प्रतिशत, 5 प्रतिशत, 12 प्रतिशत, 18 प्रतिशत, 28 प्रतिशत, 40 प्रतिशत)। यह दुनियां में सबसे अधिक टैक्स है। इसके अलावा और भी टैक्स लगाने का अधिकार राज्य सरकारों को दे दिया गया है। उन्होंने भाजपा पर वायदाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि जीएसटी लागू करते वक्त केंद्र सरकार ने विपक्षी दलों को विश्वास में नहीं लिया। जीएसटी में रिटर्न भरने की प्रक्रिया इतनी जटिल कर दी है कि व्यापारी साल भर 32 रिटर्न भरता रहेगा, उसे व्यापार करने का समय ही नहीं लगेगा, यह भी सोचने वाली बात है।
भाजपा राज में रोजमर्रा की चीजें महंगी
जीएसटी के प्रावधानों पर विस्तृत चर्चा करते हुए सुरजेवाला ने रोजमर्रा की चीजों, रोटी, कपड़ा और मकान पर बेतहाशा टैक्स लगाने के लिए भाजपा की मंशा पर सवाल खड़े किए। उन्होंने उपस्थित व्यापारियों से सवाल किया कि भाजपा ने जीसटी में क्या व्यापारियों को फायदा होगा? व्यापारियों ने हाथ उठाकर नहीं-नहीं के नारे लगाए। उन्होंने जीएसटी को कपड़ा व प्लाईवुड व्यापार पर सबसे बड़ा प्रहार बताते हुए कहा कि कपड़ा उद्योग देश में कृषि के बाद दूसरा सबसे बड़ा रोजगार पैदा करने वाला है। जीएसटी की मनमानी ड्यूटी संरचना से इस सेक्टर पर बहुत बुरा प्रभार पड़ेगा। इससे छोटे, लघु एवं मध्यम निर्माताओं, कारोबारियों, कपड़ा व्यापारियों तथा दुकानदारों की रोजी-रोटी बंद हो गई है। प्लाईवुड उद्योग पर 28 प्रतिशत टैक्स लगने से सारा लकड़ी व प्लाईवुड़ उद्योग तालाबंदी की कगार पर है। उन्होंने किसान व खेती पर भी जीएसटी के माध्यम से टैक्स लगाने पर भाजपा की आलोचना की। उन्होंने कहा कि ज्यादातर राज्यों में खाद पर 0 प्रतिशत टैक्स लगता था।
कांग्रेस के विरोध ने घटाया खाद पर टैक्स
भाजपा ने पहले खाद पर 12 प्रतिशत टैक्स लगाया, लेकिन कांग्रेस के विरोध के चलते इसे 5 प्रतिशत कर दिया। भाजपा ने कीटनाशकों पर 28 प्रतिशत टैक्स लाद दिया। कृषि उपकरणों पर भी 12 प्रतिशत जीएसटी लाद दिया। व्यापारी सम्मेलन को पूर्व मंत्री बचनसिंह आर्य, हरियाणा किसान खेत मजदूर कांग्रेस के अध्यक्ष भूपेंद्र फोगाट, कृषक समाज के प्रदेशाध्यक्ष ईश्वर नैन, युवक कांग्रेस के पूर्व प्रदेशाध्यक्ष संजय छौक्कर, पूर्व विधायक राधेश्याम शर्मा, पूर्व विधायक पवन दीवान, पूर्व विधायक रमेश गुप्ता, पूर्व विधायक फूलसिंह खेड़ी, सतबीर भाणा, सफीदों व्यापार मंडल के प्रधान रामकुमार मित्तल, अमरनाथ गुप्ता, अशोक आर्य, सरदार निरवैल सिंह, सरदार निरवैल ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर सफीदों के व्यापारी नेता सुभाष जैन, सत्यवान सैनी, भूपेंद्र बूरा, किरण सैनी, कैलाश सिंगला, रामगोपाल अग्रवाल, सत्येंद्र शर्मा, पूर्व पार्षद मनोज दीवान, रामेश्वर गुप्ता, शिवचरण गर्ग, अमरनाथ गुप्ता, केसी गोयल, संदीप सांगवान, विरेंद्र जागलान, दिनेश मिन्नी, सत्येंद्र मोर आदि मुख्य तौर पर उपस्थित थे।
