बरनाला: धौला गांव में एक और किसान ने कर्ज के चलते आत्महत्या कर ली । मृतक सिर्फ़ एक एकड़ ज़मीन का मालिक था और उसके सिर 5 लाख का कर्ज़ था। कांग्रेस सरकार के दौरान ज़िला बरनाला के अंदर खुदकुशी की ये 15 वीं घटना है। पंजाब में किसान कर्जमाफी, सरकार और खुदकुशी पर पूरी रिपोर्ट पढ़िये।
किसानों की कर्जमाफी पर क्या कहती है कैप्टन सरकार ?
- हर किसान का कर्जमाफ होगा
- कर्जमाफी को लेकर सरकार की कोशिशें जारी
- कम जमीन वाले 2 लाख तक कर्ज वाले किसानों का पूरा कर्जमाफ होगा
- पहली बार में 10 लाख किसानों का कर्जमाफ होगा
- कब होगा ? थोड़ा समय लगेगा !
कर्जमाफी के लिए सरकार ने अबतक क्या किया ?
- बजट में किसानों की कर्जमाफी के लिए 15 सौ करोड़ का प्रावधान
- आढ़तियों के साथ बैठक कर किसानों की कर्ज पर कम ब्याज लेने की अपील
- टी हक्क कमेटी की रिपोर्ट पर अभी तक अध्ययन कर रही है सरकार
- किसानों की कर्जमाफी से जुड़ी डिटेल लेने के लिए बैंकर्स के साथ वित्तमंत्री ने बैठक की
- बैंकर्स ने सरकार को सीधे बैंक डिटेल देने से इनकार किया
- छोटे और मार्जिनल किसानों का डाटा इकट्ठा कर रही है सरकार
- अब दो महीने में कर्जमाफी का पूरा प्रोसेस खत्म होने की बात कह रही है सरकार
- केंद्र सरकार से CCL के बोझ को कम करने की मांग
- कर्जमाफी के लिए कैबिनेट सब-कमेटी का गठन
- कर्जमाफी से जुड़े मुद्दे को लेकर मुंबई में RBI अधिकारियों के साथ बैठक
क्या कहता है विपक्ष ?
- 15 सौ करोड़ से किसानों का कर्जमाफ नहीं हो सकता, सरकार गुमराह कर रही है।
- सरकार चाहती है कि किसान खुदकुशी करने पर मजबूर हो।
- किसानों से किये वादे से मुकर गई सरकार।
- 15 सौ करोड़ से करीब 15 हजार किसानों का कर्जमाफ हो सकता है।
- वित्तमंत्री मनप्रीत बादल किसानों को खुदकुशी करने के लिए उकसा रहे हैं।
- वित्तमंत्री पर केस दर्ज हो।
- सरकार ने कबतक कर्जमाफ होगा इसका समय नहीं बताया।
- किसान ने कैप्टन के सुसाइड नोट लिखकर खुदकुशी कर ली, लेकिन सरकार को परवाह नहीं
- आढ़ती वाला कर्जमाफ करने से क्यों मुकर गई
- सरकार के पास किसानों के कर्जमाफी का कोई ठोस सिस्टम नहीं
क्या है पंजाब में किसानों की स्थिति ?
- कर्ज से तंग अबतक सैकड़ों किसानों ने खुदकुशी कर ली।
- बीजेपी का आंकड़ा 120 दिन में 129 किसानों ने खुदकुशी की
- सरकार ने माना 80 किसानों ने खुदकुशी की
- सिर्फ बरनाला में 15 किसान कर चुके हैं खुदकुशी
- संगरूर, मानसा, गुरदासपुर, लुधियाना, समेत कई जिलों में जारी है आत्महत्या का सिलसिला
ज़िला बरनाला के गांव धौला के एक किसान ने आर्थिक तंगी और कर्जे से परेशान हो कर छत वाले पंखे में फंदा बना खुदकुशी कर ली है । किसान अजैब सिंह के पास करीब एक एकड़ ज़मीन थी। बीमारी और घरेलू खर्चों के कारण इस किसान के परिवार के सिर पर पांच लाख का कर्ज़ था। ज़मीन कम होने के कारण ऋणी किसान का कर्ज़ दिन ब दिन बढ़ता जा रहा था | किसान कर्ज वापिस करने में असमर्थ था। परिवार के पास ज़मीन से आमदन का ओर कोई साधन नहीं था। परिवार पर सिर चढ़े कर्ज़े कारण किसान अजैब सिंह मानसिक तौर पर परेशान रहता था। मानसिक परेशानी के चलते किसान ने अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली । मृतक किसान के दो बेटे हैं ।ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार के लिए सहायता की मांग की है।
हालांकि पुलिस ने मामला दर्ज कर अपनी कारवाई शुरू कर दी है | मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए बरनाला सिविल हस्पताल भेजा गया है जहां पोस्टमार्टम के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक मृतक किसान के पारिवारिक सदस्यों के बयान पर कार्रवाई की जा रही है।
अब सवाल ये है कि क्या पंजाब के किसान ऐसे ही मरते रहें ? आखिर आत्महत्याओं का सिलसिला रुक क्यों नहीं रहा। ज़िला बरनाला की बात करें तो नई सरकार में करीब 15 किसान अबतक खुदकुशी कर चुके हैं। सरकार किसानों से खुदकुशी नहीं करने की बात तो कह रही है लेकिन, कर्ज माफ नहीं हो रहा अब देखना ये होगा कि इसके लिए सरकार क्या ठोस कदम उठाती है।




