जालंधर (पंजाब) : कपूरथला पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो पिछले चार सालों से पंजाब और आसपास के राज्यों में एटीएम लूटने का काम करता था। पुलिस ने इस गिरोह के तीन सदस्यों को दस लाख रूपये, एक कार, एक पिस्टल, 12 ज़िंदा कारतूस, एक ऑक्सीजन सिलेंडर गैस कटर और 1200 नशीली गोलियों समेत गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार दसवीं फेल यह आरोपी अब तक करीब 34 एटीएम लूट की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। इससे इन्होंने करीब तीन 3.25 करोड़ रूपये लूटे हैं। पुलिस ने बताया कि जालंधर के रामामंडी के रहने वाले इंदरजीत और प्रिंस, और तरनतारन के अमरीक सिंह को पकड़ा गया है। अमरीक सिंह दसवीं फेल है और कई सालों से पुलिस को परेशान रखा था।
लूट की वारदातों को अंजाम देने के लिए ये जो तरीका अपनाते थे उससे पढ़े-लिखे लोग भी बच नहीं पाते थे। इनलोगों ने एटीएम लूट की 34 वारदातों को अंजाम देकर अलग-अलग बैंकों के एटीएम से करीब 3.25 करोड़ रूपये लूट लिए। अपराधियों ने पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश में कार लूट की कई वारदातें में अपनी संलिप्तता कबूल की है। पुलिस के अनुसार इन लोगों ने एटीएम लूट के लिए एक कार की पिछली सीट में गैस सिलेंडर फिट किया हुआ था। इसके सहारे जब भी मौका मिलता था, एटीएम लूट को अंजाम देते थे। हैरानी की बात यह है कि आरोपी लूट के दौरान आपस में वॉकी-टॉकी का इस्तेमाल करते थे, ताकि कॉल डिटेल के आधार पर इनका पता नहीं लगाया चा सके।
जालंधर के जोनल आईजी अर्पित शुक्ला ने बताया की तीनों साल 2013 से एटीएम लूट की घटना को अंजाम दे रहे थे। इंदरजीत ने 2013 में पंजाब नेशनल बैंक के एटीएम में कर्मियों को पैसे डालते देखा था, इसके बाद उसने घर पर ही एटीएम तोड़ने का सामान लाकर कई बार प्रैक्टिस की। इसके बाद उसने साथियों को साथ लेकर लूट की वारदातों को अंजाम देना शुरू कर दिया। इन लोगों ने लूटे हुए रुपये से रामा मंडी इलाके समेत तरनतारन में प्रॉपर्टी में इन्वेस्ट किया था। जिसमें जमीन और कोठियां शामिल हैं। पुलिस इनसे कई घटनाओं के बारे में पूछताछ कर रही है, साथ ही ये भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इनके साथ और कौन-कौन जुड़ा हुआ है।


