न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : पानीपत से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां शादी का झांसा देकर एक नाबालिग से दस माह तक दुष्कर्म किया जाता रहा। इस दौरान नाबालिग गर्भवती हो गई, दो दिन पहले ही उसकी डिलीवरी हुई है। उधर दुष्कर्म का आरोपी फरार हो गया है। पीड़िता के बयान पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। सबसे शर्मनाक बात यह रही कि नाबालिग ने सिविल अस्पताल के गेट पर ही बच्ची को जन्म दिया। इस दौरान उसके साथ पहुंचे माता-पिता उसे छोड़कर फरार हो गए।
पीड़िता के हालत की जानकारी मिलते ही बस स्टैंड चौकी और किला चौकी पुलिस पहुंची तो दो घंटे तक सीमा विवाद में उलझी रही। काफी तनातनी के बाद किला थाना पुलिस ने नाबालिग के बयान पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। अस्पताल के नर्स की मानें तो दोपहर में उन्हें जानकारी मिली थी कि अस्पताल के गेट पर किसी की ऑटो में डिलीवरी हुई है। जिसके बाद कर्मचारियों को भेजकर नाबालिग का दाखिला अस्पताल में कराया गया। उसके साथ एक महिला और पुरूष था जो डिलीवरी के बाद फरार हो गए।
नर्स ने बताया कि नाबालिग की उम्र 15-16 साल है और उसके साथ आए लोग उसकी उम्र 19 साल बता रहे थे। नाबालिग से पूछा गया तो उसने बताया कि वो माता-पिता थे। नाबालिग ने बताया कि उसके पति रजा की मौत दो साल पहले सड़क हादसे में हो गई थी। पिछले एक साल से वो अपनी मां के साथ रह रही थी। उसका सौतेला पिता भैंसवाल स्थित एक फैक्टरी में काम करता है। वहां उसकी पहचान रंजन उर्फ सुनील से हुई। रंजन ने उसे शादी का झांसा दिया तो वो उसके साथ 10 महीने से रहने लगी। इसी दौरान उसका यौन शोषण किया गया।
वो जब भी शादी की बात करती थी तो आरोपी उसे टाल देता था। गर्भवती होने के बाद जब वो अस्पताल पहुंची तो उसका सौतेला पिता और मां अकेला छोड़कर फरार हो गए। सुनील भी उसका साथ छोड़कर फरार हो चुका है। इस मामले में पुलिस का कहना है कि नाबालिग के बयान पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। उधर बाल कल्याण समिति के सदस्य सिविल अस्पताल पहुंचकर नाबालिग से जानकारी ली। समिति सदस्यों की मानें तो नाबालिग को न्याय दिलाने की कोशिश की जा रही है।
