न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : एक नन्हीं परी जिसे देखकर आपको इतनी खुशी होगी, जितना शायद कभी ना हुआ हो। फिरोजपुर रेडक्रास कार्यालय के लिए भी गुरूवार का दिन खुशियों की सौगात लेकर आया। हुआ ये कि कार्यालय के बाहर रखे गए झूले में कोई अपनी नन्हीं परी को छोड़कर चला गया। शायद अभागी मां के लिए वो बोझ थी, लेकिन जब रेडक्रास से जुड़े लोगों को इसका पता चला तो चारों तरफ खुशियां ही खुशियां देखने को मिली। बच्ची को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया और रेडक्रास के पदाधिकारी उसकी तीमारदारी में जुटे रहे।
दरअसल सरकारें बेटी बचाने और बेटी पढ़ाने के लाख दावें करें, आज भी बेटियां बोझ ही बनी हुई हैं। हालांकि रेडक्रास सोसायटी ने एक पहल किया है बेटियों को बचाने की। बेटियों को जिंदगी मिले इसके लिए कार्यालय के बाहर एक झूला लगाया गया है। जो भी बेटियों को पालने में असमर्थ होते हैं वो झूले में बच्ची को रखकर चले जाते हैं। बच्ची के परवरिश की सारी जिम्मेदारी रेडक्रास उठाता है। गुरूवार को भी ऐसा ही मामला सामने आया। बताया जाता है कि कोई 20 दिन की बच्ची को झूले में रखकर भाग गया।
जानकारी मिली है कि दो लोग आए और बच्चे को झूले में रखकर लौट गए। जिसे बाद में चाइल्ड हॉस्पीटल में दाखिल कराया गया है। बच्ची को किसी तरह की दिक्कत ना हो, इसका विशेष ख्याल रखा गया है। लेकिन हैरानी की बात यह है कि सरकार से लेकर तमाम लोग दावे करते हैं बेटियों की सुरक्षा की। इसके बावजूद आए जिन ऐसे मामले को देखने को मिलते हैं, जिससे पता चलता है कि आज भी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं। अगर ऐसा होता तो आज फिरोजपुर की यह बच्ची अपने मां की गोद में होती।
