चंडीगड़:पंजाब में किसानी के हालात बदतर हो रहे हैं हालांकि लम्बे समय से देश भर के किसान अच्छे हालातों को भूल चुके हैं पर पंजाब के किसान के हालातों पर दयनीयता नही देखी जाती थी जो आज इस कदर दयनीय हो चुके हैं कि किसान मौत को गले लगाना आसान समझते हैं जिंदगी जीने की मुश्किलों के सामने।पूर्व मुख्य मंत्री और सीनियर नेता प्रकाश सिंह बादल ने चिंता व्यक्त की है कि अगर जल्द ही कर्ज पर हल नही ढूंढा गया तो स्थिति और घमबीर होगी।बादल ने इस बीच पंजाब में नई बनी कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा की जो वायदे कर्ज मुक्ति और किसानी से जुड़ी परेशानियों को दूर करने की थी वो पूरे नही हुए हैं यहां तक कि आम जनता के साथ जो वायदे की उस सब को मिलाकर देखें तो रति भर भी काम सरकार ने नही किया है राहत देने के लिए ,राजनीति से परे होते भी बादल ने कहा कि ये मुद्दा और चिंता केवल एक राज्य की नही बल्कि देश को इसके बारे में सोच कर हल ढूंढने की तरफ काम करना चाहिए।
किसानों के मुद्दों पर राजनीति कहें या फिर सच मे चिंता इस पर भाजपा ने भी हर महीने पंजाब सरकार का रिपोर्ट कार्ड पेश करते हुए कांग्रेस सरकार के चौथे महीने में आंकड़े सामने रख चुनोती दी कि अगर भाजपा गलत कह रही है तो उसे ठुकराएं पूरी सूची सामने रखी जाएगी ,जिसमें भाजपा के प्रदेश सचिव विनीत जोशी ने कहा कि सरकार बनने के बाद अब तक 129 किसान आत्महत्या कर चुके हैं।भाजपा का आरोप है कि किसानों के कर्ज माफी पर छोटी राशि 1500 करोड़ कर्ज माफ करने की बात सरकार ने कही लेकिन राशि बैंको को नही भेजी गई ।वहां ऋण वापिस नही किया जा रहा तो छोटे व सहकारी बैंक खुद घाटे में जा रहे हैं जो और भी घमबीर स्थित बन चुकी है।
किसानों पर राजनीति,चिंता,दुख,सहानभूति व्यक्त हो रही है पर हल होता नजर नही आ रहा। इसे भी कहना गलत होगा कि अगर सरकार बनते कुछ राहत किसानों को दी है तो सरकार कुछ नही कर रही भले ही जितना बड़ा वायदा किया वो इसके आसपास भी नही लेकिन एक सत्य सामने है कि किसान के हालात हर दिन खराब होते जा रहे हैं उसका परिवार परेशानियों में है व इस पर समय पाबंद हल के लिए कदम अभी तक नही उठाए गए बेशक वो एक राज्य की सरकार की बात हो या फिर देश की सरकार की।
