Zubeen Garg Cousin Arrested:
मशहूर सिंगर जुबीन गर्ग की मौत के मामले में जांच में उनके चचेरे भाई डीएसपी संदीपन को गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस के अनुसार, सिंगापुर यॉट पार्टी में जुबीन के साथ वह भी शामिल थे. पुलिस ने उनके मैनेजर और इवेंट ऑर्गनाइजर की गिरफ्तारी के बाद अब एक और गिरफ्तारी की है.
सिंगर के चचेरे भाई को गिरफ्तार कर लिया गया है. जुबिन के कजिन भाई पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) संदीपन गर्ग हैं. बुधवार सुबह असम सीआईडी की एसआईटी ने पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया है. कहा जा रहा है जब सिंगर की मौत हुई तो वो मौके पर मौजूद थे.
जुबीन के भाई को क्यों किया गिरफ्तार-
पुलिस अधिकारी संदीपन, ज़ुबीन के साथ अपनी पहली विदेश यात्रा पर सिंगापुर गए थे. वह भी यॉट पार्टी में मौजूद थे. सिंगर की मौत के बाद वह उनका कुछ सामान देश वापस लाए थे. हाल ही में एक फेसबुक पोस्ट में उन्होंने कहा था कि जांच में उन्होंने एसआईटी के साथ पूरा सहयोग किया.
अधिकारियों के मुताबिक, पांच दिनों तक पूछताछ के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया. संदीपन को पुलिस विभाग से सस्पेंस क्यों नहीं किया गया, इस सवाल के जवाब में एसआईटी को लीड कर रहे असम सीआईडी के विशेष पुलिस महानिदेशक मुन्ना गुप्ता ने कहा कि उन्हें आज गिरफ्तार कर लिया गया है.
ज़ुबिन गर्ग की मौत के मामले में पांचवीं गिरफ्तारी-
ज़ुबिन गर्ग की मौत के मामले में यह पांचवीं गिरफ्तारी है, जिसने असम में भारी हंगामा और आक्रोश को जन्म दिया है. उनके प्रशंसकों ने प्रतिष्ठित गायक के निधन के कारणों का पता लगाने और न्यायपूर्ण जांच की मांग तेज कर दी है. इससे पहले पुलिस ने ज़ुबीन के मैनेजर सिद्धार्थ शर्मा, सिंगापुर में नॉर्थईस्ट इंडिया फेस्टिवल के आयोजक श्यामकानु महंत और उनके बैंड के दो सदस्यों संगीतकार शेखर ज्योति गोस्वामी और युवा गायिका अमृतप्रभा महंत को गिरफ्तार किया था.
पत्नी ने की थी जांच की मांग-
ज़ुबिन की पत्नी गरिमा ने मंगलवार को एक बार फिर उनके निधन के कारणों की जांच की मांग की. उन्होंने सवाल उठाया कि डॉक्टरों की सलाह के बावजूद, जिनमें जुबिन को पानी और आग से दूर रहने की हिदायत दी गई थी, उन्हें समुद्र में क्यों ले जाया गया.
गरिमा ने यह भी पूछा कि उनके मैनेजर और दोस्तों ने उनकी स्वास्थ्य स्थिति को जानकर भी उन्हें इस खतरे से क्यों नहीं रोका. जांच के दौरान संगीतकार शेखर ने एसआईटी के सामने दावा किया कि सिद्धार्थ शर्मा और श्यामकानु महंत ने सिंगापुर में जुबिन गर्ग को जहर दिया था, जो इस मामले में एक नया मोड़ साबित हो सकता है.



