Zoho: केन्द्रीय मंत्री अमित शाह गूगल मेल छोड़ जोह मेल पर आए, जानिए क्या है जोहो जो सकता है गूगल को टक्कर?

Indian Tech Zoho: भारत की एक कंपनी जोहो ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई बहस को जन्म दिया है. जोहो ने गूगल की तरह अपने…

Indian Tech Zoho:

भारत की एक कंपनी जोहो ने टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में नई बहस को जन्म दिया है. जोहो ने गूगल की तरह अपने अनेक तरह के एप बनाए है. यह एक भारतीय कंपनी है. कुछ लोगों का कहना है कि यह कंपनी गूगल की जगह ले सकती है. चर्चा ने ज्यादा सुर्खियां तब बटोरि जब केन्द्रीय मंत्री अश्वनी वैश्नव और अब अमित शाह ने इसका उपयोग शुरू किया.

शिक्षा मंत्रालय ने इस्तोमाल किया अनिवार्य-

केंद्र के शिक्षा मंत्रालय ने अपने सभी कर्मचारियों के लिए भारतीय टेक कंपनी जोहो (Zoho) के ऑफिस सूट का इस्तेमाल अनिवार्य कर दिया है. सरकार इसे ‘स्वदेशी आंदोलन’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक साहसिक कदम बता रही है, लेकिन इस फैसले ने सोशल मीडिया पर एक संग्राम छेड़ दिया है. कुछ लोग इसे देश के लिए गर्व का क्षण बता रहे हैं, तो कुछ सरकार की मंशा पर ही सवाल उठा रहे हैं.

गृह मंत्री अमित शाह भी जोहो मेल पर आए-

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी बुधवार को घोषणा की कि उन्होंने अपना ईमेल पता बदल दिया. अब वह जोहो सर्च इंजन के ईमेल पर उपलब्ध होंग. शाह ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर पोस्ट किए गए एक संदेश में अपने नये ईमेल पते की जानकारी दी है.उन्होंने कहा, ‘मैंने जोहो मेल पर उपलब्ध रहूंगा. कृपया मेरे ईमेल पते में हुए बदलाव पर ध्यान दें. उन्होंने अपना नया ईमेल एड्रेस बताते हुए संदेश में कहा कि भविष्य में उनके साथ मेल द्वारा पत्राचार करने के लिए नए ईमेल पते का इस्तेमाल किया जाए जो amitshah.bjp@zohomail.in है.

‘आत्मनिर्भर भारत’ की ओर एक बड़ा कदम?

शिक्षा मंत्रालय ने अपने एक आधिकारिक ज्ञापन में कहा कि यह निर्देश देश को एक सर्विस इकोनॉमी से प्रॉडक्ट नेशन बनाने और टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर इकोसिस्टम तैयार करने के सरकारी विजन के अनुरूप है. केवल शिक्षा मंत्रालय नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कैबिनेट के कई अन्य मंत्री भी गूगल मैप्स, व्हाट्सएप और माइक्रोसॉफ्ट जैसे विदेशी ऐप्स के भारतीय विकल्पों को बढ़ावा दे रहे हैं.

आईटी मिनिस्टर अश्विनी वैष्णव का भी स्वदेशी को समर्थन-

सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने हाल ही में एक प्रेजेंटेशन में गूगल मैप्स की जगह ‘मैपमायइंडिया’ (MapmyIndia) का इस्तेमाल किया और माइक्रोसॉफ्ट पावरपॉइंट की जगह जोहो का. उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, ‘नक्शा गूगल मैप्स का नहीं, मैपमायइंडिया का है. अच्छा लग रहा है, है ना? स्वदेशी.

जोहो संस्थापक का बड़ा दावा-

यह विवाद तब और बढ़ गया जब जोहो के संस्थापक श्रीधर वेम्बू ने माइक्रोसॉफ्ट को चुनौती देते हुए कहा, ‘हम दुनिया की अकेली कंपनी हैं जो प्रॉडक्ट की रेंज और गहराई में माइक्रोसॉफ्ट को टक्कर दे सकती है. उनके इस बयान पर इंटरनेट पर मिलीजुली प्रतिक्रिया आई. कुछ यूजर्स ने कहा कि जब किसी कंपनी के लीडर अपने काम से ज्यादा शोर करने लगें, तो यह अच्छा संकेत नहीं है.

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