ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: जल्लीकट्टू पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है, कहीं जल्लीकट्टू के खेल में लोग मर रहे है तो कंही इस खेल में बेगुनाह जानवर बतादें कि कंदुपट्टी गांव में दो मंजुविरट्टु घटनाओं के दौरान दर्शक मारे गए और 70 से अधिक लोग घायल हो गए। सेंट एंटनी चर्च में जिला प्रशासन द्वारा आयोजित कार्यक्रम के दौरान दक्षिणी तमिलनाडु के विभिन्न जिलों के 151 बैलों को अखाड़े में जाने दिया गया। कुल मिलाकर 45 बुल टैमर्स ने जानवरों को बैचों में वश में करने की कोशिश की थी।
700 से अधिक बैलों को सूखे पानी की टंकी में छोड़ा
बतादं कि, इससे पहले भी समानांतर घटना में, 700 से अधिक बैलों को एक सूखे पानी की टंकी में छोड़ा गया था। एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और कई घायल हो गए थे, क्योंकि जानवर भारी भीड़ में भाग गए थे जो इस घटना को देखने के लिए इकट्ठा हुए थे, जिसके लिए अनुमति नहीं दी गई थी। जानकारी के मुताबिक घायलों में से अधिकांश लोग दर्शक थे। उनमें से पंद्रह को शिवगंगा सरकारी अस्पताल में भेजा गया है।
पैतृक निवास आए थे विजया राघवन
पोंगल की छुट्टियों के लिए अपने पैतृक निवास आए विजया राघवन इस खेल का शिकार हो गए, पुलिस के मुताबिक उनके पेट में बैल का गहरा पंचर लगा था। उन्हें शिवगंगा जीएच ले जाया गया, जहां उन्हें ‘मृत घोषित कर दिया गया। वहीं दूसरी तरफ पनायापट्टी गाँव का एक जल्लीकट्टू सांड रेलवे ट्रैक पार करते वक्त ट्रेन से कटकर हादसे के शिकार हो गया था।
खेल का पशुप्रेमी करते रहे हैं विरोध
बतादें कि,इस खेल का पशुप्रेमी काफी वक्त से विरोध करते रहे हैं। जल्लीकट्टू में जल्ली का अर्थ सिक्का और कट्टू का अर्थ बांधा हुआ है। खेल के दौरान सांडों की सींगों में सिक्का या नोट फंसाकर उन्हें भीड़ में छोड़ जाता है। लोगों के सांडों पर उनकी सींगों को पकड़कर काबू पाना होता है। सींग पर कपड़ा भी बंधा होता है। इसे इनामी राशि पाने के लिए निकालना होता है।
जल्लीकट्टू का इतिहास क्या है ?
माना जाता है कि “जल्लीकट्टू” खेल की शुरूआत 400-100 ई. पू. के दौरान हुई थी| यह खेल “अय्यर” लोग जो प्राचीन तमिल प्रदेश की “मुल्लै” नामक भाग में रहते थे, उनके बीच में खेला जाता था| सिंधु घाटी सभ्यता से प्राप्त एक मुहर में इस खेल का चित्र अंकित देखने को मिलता है।
जल्लीकट्टू में मौत के आंकड़े
चलिेए अब आपको बताते है कि,जल्लीकट्टू का खेल कितना खतरनाक है। इस खेल की परम्परा से जुड़े आंकड़ों पर नजर डालें तो साल 2010 से लेकर 2014 के बीच 17 लोगों ने इस खेल के दौरान अपनी जान गवाई है। और पिछले 20 वर्षों से अभी तक इस खेल में 200 लोगों की मौत हो चुकी है। मरनेवालों में कम उम्र के बच्चे भी शामिल हैं।





