न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया : पंजाब के मोगा में हिस्ट्रीशीटर अरविंदर सिंह उर्फ रवि की हत्या हो या अमृतसर और जलालाबाद से बरामद की गई करोड़ों की हेरोइन हो या उत्तरप्रदेश से एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी की नाभा जेल ब्रेक कांड में गिरफ्तारी, सारे मामले दिखते अलग-अलग हैं, लेकिन सभी में एक जुड़ाव है। दरअसल, पंजाब बदल गया है, पिछले दस सालों में पंजाब की हवा में गोलियों की आवाज गूंजने लगी, और यह गोलियां गैंगस्टर्स के इशारे पर चलती हैं। कब किसके सीने पर गोलियां लग जाए किसी को पता नहीं। अभी विक्की गौंडर का नाम पंजाब गैंगस्टर्स में टॉप पर है।
पंजाब के हाई प्रोफाइल नाभा जेल ब्रेक मामले के बाद एक नाम उभरा था और उसका नाम है विक्की गौंडर। विक्की गौंडर पर हत्या से लेकर कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। और जिस तर्ज पर नाभा जेल ब्रेक को अंजाम दिया गया था उससे साफ है कि पंजाब के गैंगस्टर छोटे हों या बड़े, उनकी प्लानिंग तगड़ी रहती है। बाकायदा फेसबुक पर पोस्ट करके वो बता देते हैं कि वो आगे क्या करने वाले हैं। दरअसल, विक्की गौंडर पर एक के बाद एक जिस तरह से आपराधिक वारदातें जुड़ती जा रही है वो बताने के लिए काफी है पंजाब पुलिस की हकीकत।
15 जुलाई को कोटकपूरा में कुख्यात गैंगस्टर लवी देवड़ा के मर्डर के बाद अचानक पंजाब में गैंगवार की संभावना काफी बढ़ गई थी। इस घटना के बाद लॉरेंस गैंग पर आरोप लगा था, लवी देवड़ा की हत्या का। दरअसल, विक्की गौंडर और लॉरेंस गैंग के बीच अदावत नई नहीं है। दोनों ग्रुप एक-दूसरे से बदला लेने की ताक में रहते हैं और मौका मिलते ही सामने वाले पर गोली चलाने से नहीं चूकते। पिछले दिनों फरीदकोट के जैतो में हुए राइस मिल मालिक रविंद्र कुमार की हत्या भी गैंगवार के कारण की गई थी। इस मर्डर के बाद सीसीटीवी फुटेज सामने आया, जिससे सारी घटना की जानकारी मिलती है।
विक्की गौंडर के अलावा कई और क्रिमिनल हैं, जिसके पंजाब पुलिस के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी है। हैरी मजीठिया, सुख भिखारीवाल, विक्की कौरा, भोला शूटर, पैरी आदि का नाम प्रमुख है। इनमें से कुछ पुलिस गिरफ्त में आ चुके हैं तो कई फरार हैं। फरार गैंगस्टर्स को पकड़ने में पुलिस अभी तक नाकाम ही साबित हुई है। पुलिस की तरफ से सिर्फ बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं। लेकिन लगातार हो रही वारदातों से साफ है कि पंजाब पुलिस गैंगस्टर पर काबू पाने में पूरी तरह फेल हो गई है।




