Uttar Pradesh Budget:
उत्तर प्रदेश सरकार ने बुधवार को अपने दूसरे कार्यकाल का आखिरी बजट पेश किया। ये बजट योगी सरकार का 10वां बजट है। बजट विधानसभा में सुबह 11 बजे सुरेश खन्ना ने बतौर वित्त मंत्री बजट पेश किया। मुख्यमंत्री योगी ने इस पर कहा, पिछले 9 साल में उत्तर प्रदेश ने अपनी धारणा बदलने के प्रयास किए हैं… ये बजट उन्हीं भावों का प्रतिनिधित्व करता है। 9 साल में 3 गुना से अधिक उत्तर प्रदेश का बजट बढ़ा है। यह बजट थीम सुरक्षित नारी, सक्षम युवा, खुशहाल किसान और हर हाथ को काम के लिए समर्पित है। ये पहली बार हुआ है जब किसी मुख्यमंत्री को उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में 10वां बजट पेश करने का अवसर प्राप्त हुआ है।’
नई योजनाओं के लिए 43 हजार 565 करोड़-
बजट में 43 हजार 565 करोड़ से अधिक की धनराशि केवल नई योजनाओं के लिए प्रस्तावित की गई है। 2 लाख करोड़ से अधिक की राशि पूंजीगत व्यय के लिए है। प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास बनेगा, सभी विकास खंडों में खुलेगा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय खोलने के अलावा, मेधावी छात्राओं को स्कूटी मिलेगी, पूर्वांचल व बुंदेलखंड सहित पिछड़े क्षेत्रों पर भी बजट में फोकस रहेगा। इसके अलावा आवास एवं शहरी नियोजन हेतु 7,705 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री शहरी विस्तारीकरण/नये शहर प्रोत्साहन योजना हेतु 3,500 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। इस योजना के अन्तर्गत मेरठ में 35 वर्ष, आगरा में 33 वर्ष, लखनऊ में 22 वर्षों बाद नयी आवासीय योजना तथा बुन्दलशहर में प्रथम बार औद्योगिक योजना लांच की गयी है।
ऊर्जा क्षेत्र के लिये 65,926, जलापूर्ति के लिए 22,676 करोड़ –
ऊर्जा क्षेत्र की योजनाओं के लिये 65,926 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है जो वर्ष 2025-2026 के मुकाबले 8 प्रतिशत अधिक है। उत्तर प्रदेश में पारेषण तंत्र की कुल क्षमता जो वर्ष 2016-2017 में 17,890 मेगावॉट थी उसे 2025-2026 में 82 प्रतिशत बढ़ाकर वर्तमान में 32,500 मेगावॉट किया गया है। नमामि गंगे एवं ग्रामीण जलापूर्ति हेतु लगभग 22,676 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाये रखने एवं उसमें दूषित जल का उत्प्रवाह रोकने के लिये सीवरेज संबंधी कुल 74 परियोजनाएं स्वीकृत हुई हैं। अब तक 41 परियोजनाएं पूर्ण कर संचालित की जा रही हैं तथा शेष परियोजनाएं निर्माणाधीन है।
सड़कों के लिए 34,468 करोड़ –
सड़कों एवं सेतुओं के निर्माण, चौड़ीकरण एवं अनुरक्षण हेतु 34,468 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश में नॉर्थ-साउथ कॉरिडोर के विकास हेतु मार्गों के चौडीकरण/सुदृढ़ीकरण /निर्माण हेतु 400 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है। प्रदेश में सेतुओं हेतु 4,808 करोड़ रूपये एवं रेल उपरिगामी/अधोगामी सेतुओं के निर्माण हेतु 1,700 करोड़ रूपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।
अन्य ख़बरें जानें-
ख़बरों के लिए जुड़े रहिए LIVING INDIA NEWS के साथ 24/7 LIVE

