ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल में अर्थव्यवस्था की हालत खराब है ऐसे में आज 11 बजे केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतामरण दूसरा बजट पेश करने जा रही हैं। देश का बजट आम आदमी की जेब और एक परिवार के बजट पर भी काफी असर डालता है। तो अब आप भी जाने की आखिर ये बजट क्या होता है, क्योंकि आप भी देश के नागरिक हैं। तो चलिए आपको बताते हैं देश के बजट की 10 खास बात।
1 आयकर यह हमारी आय के स्रोत जैसे कि आमदनी, निवेश और उस पर मिलने वाले ब्याज पर लगता है।
2 उपकर और अधिभार जैसे स्वच्छ भारत सेस, कृषि कल्याण सेस, स्वच्छ पर्यावरण सेस, अधिभार या सरचार्ज कर के ऊपर लगने वाला कर है, जिसकी गणना कर दायित्व के आधार पर की जाती है।
3 कॉरपोरेट टैक्स कॉरपोरेट टैक्स कॉरपोरेट कंपनियों या फर्मों पर लगाया जाता है, जिसके जरिए सरकार को आमदनी होती है।
4 सकल घरेलू उत्पाद यानी GDP सकल घरेलू उत्पाद जीडीपी एक वित्तीय वर्ष में देश की सीमा के भीतर उत्पादित कुल वस्तुओं और सेवाओं का कुल जोड़ होता है।
5 राजकोषीय नीति और राजकोषीय घाटा यह एक ऐसी नीति होती है कि जो कि सरकार की आय और सार्वजनिक व्यय रक्षा, स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, सड़क आदि, टैक्स की दरों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष, सार्वजनिक ऋण, घाटे की वित्त व्यवस्था से सम्बंधित होती है।
6 उत्पाद शुल्क देश की सीमा के भीतर बनने वाले सभी उत्पादों पर लगने वाला टैक्स को उत्पाद शुल्क कहते हैं।
7 वित्तीय वर्ष: भारत में वित्तीय वर्ष की शुरुआत एक अप्रैल से होती है और यह अगले साल के 31 मार्च तक चलता है।
8 सब्सिडी Subsidies आर्थिक असमानता दूर करने के लिए सरकार की ओर से आम लोगों को दिया जाने वाला आर्थिक लाभ सब्सिडी कहा जाता है. जैसे एलपीजी सिलिंडर के गैस भराने वाले गरीबों को सरकार सब्सिडी देकर उसे सस्ता कर देती है.
9 सीमा शुल्क सीमा शुल्क उन वस्तुओं पर लगता है, जो देश में आयात की जाती है या कहें कि,फिर देश के बाहर निर्यात की जाती है।
10 टैक्सल भारत सरकार के खर्चों को पूरा करने के लिए यह एक प्रकार का अनिवार्य भुगतान होता है। टैक्स दो प्रकार के होते हैं, एक प्रत्यक्ष कर और दूसरा अप्रत्यक्ष कर, वह टैक्स, जिसे आपसे सीधे तौर पर वसूला जाता है। दूसरी टैक्स, जिसे सीधे जनता से नहीं लिया जाता किंतु जिसका बोझ आखिरकार उसी पर पड़ता है, उसे अप्रत्यक्ष कर कहते हैं।

