Donald Trump: अमेरिकी विदेश विभाग ने अमेरिका में पढ़ रहे सैकड़ों अंतर्राष्ट्रीय छात्रों को ईमेल भेजकर देश छोड़ने का आदेश दिया है. हमास या अन्य आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने वाले इन छात्रों को स्व-निर्वासन के लिए कहा गया है, क्योंकि परिसर में गतिविधियों के कारण उनके एफ-1 वीजा (छात्र वीजा) रद्द कर दिए गए हैं.
यह कार्रवाई केवल उन छात्रों तक सीमित नहीं है जिन्होंने परिसर की गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया है. लेकिन यह उन छात्रों के लिए भी है जिन्होंने राष्ट्र-विरोधी पोस्ट को शेयर या लाइक किया है. अमेरिकी विदेश विभाग ने हाल ही में “कैच एंड रिवोक” नामक एक एआई-संचालित ऐप भी लॉन्च किया है, जो हमास या अन्य नामित आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने वाले छात्रों का पता लगाने और उनका वीजा रद्द करने में सक्षम है.
विदेश विभाग नए छात्रों के आवेदनों की भी जांच कर रहा है, चाहे वे शैक्षणिक अध्ययन वीज़ा, व्यावसायिक अध्ययन वीज़ा या विनिमय वीज़ा के लिए आवेदन कर रहे हों. दोषी पाए जाने पर आवेदकों को अमेरिका में अध्ययन का अवसर नहीं दिया जाएगा. आव्रजन वकीलों का कहना है कि यह संभव है कि कुछ भारतीय छात्रों को भी ईमेल प्राप्त हुए हों, जिनमें उन्हें इंटरनेट मीडिया पोस्ट साझा करने जैसी साधारण बातों के लिए भी देश छोड़ने के लिए कहा गया हो.
ओपन डोर्स की नवीनतम रिपोर्ट के अनुसार, 2023-24 में अमेरिका में पढ़ने वाले 1.1 मिलियन अंतर्राष्ट्रीय छात्रों में से 3.31 लाख भारतीय छात्र होंगे. यह आदेश अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा कथित राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों के कारण कई अंतर्राष्ट्रीय छात्रों के वीजा रद्द करने की घोषणा के बाद आया है.
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