ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: सूरजकुंड मेला हर साल लगता है, हरियाणा सरकार की तरफ से लगने वाले इस मेले में आपको हरियाणा की संस्कृति और सभ्यता की वो झलक देखने को मिलेगी, जिसे देखने के लिए आप हमेशा ललायक रहेंगे। तो बिना देर करते आपको ले चलते हैं सूरजुंड मेले में जहां लगा है संस्कृति का कुंभ।
दिल्ली से सटे हरियाणा राज्य के फरीदाबाद जिले में इन दिनों अंतर्राष्ट्रीय शिल्प मेला लगा हुआ है, जिसे सूरजकुंड मेले के नाम से भी जाना जाता है। 1 फरवरी से शुरु हुआ ये मेला अब अपने पूरे शबाब पर है। लिहाजा कहा जा सकता है कि, सूरजकुंड में संस्कृति का कुंभ लगा हुआ है। मेले में आए देश-विदेश से कलाकार अपनी मनोरंजक प्रस्तुतियों से मेले की रौनक को बढ़ा रहे हैं। मेले में हरियाणा और पंजाब की लोक संस्कृति तो दिख ही रही है, साथ में उज्बेकिस्तान, नाइजीरिया, नामीबिया, मेडागास्कर, मालावी से आए कलाकारों ने भी अपने देश की झलक प्रस्तुत की है।
सूरजकुंड मेले में रौनक बेशुमार है। यहां दूर दूर राज्यों से लोग मेला देखने के लिए पहुंच रहे हैं और साथ ही मेले में जमकर मनोरंजन भी कर रहे हैं। बड़ी संख्या में युवा यहां पर आपको बीन की लहरियों पर झूमते नजर आ जायेंगे।इसके साथ ही आदिवासी समाज और विभिन्न राज्यों से आए कलाकरों की प्रस्तुतियां भी लोगों का दिल खींच रही हैं।
इस साल सूरजकुंड मेले की थीम हिमाचल प्रदेश है। मेले में हिमाचल राज्य की बनी हुई वस्तुओं, कलाकृतियों, शिल्पकलाओं और हथकरघा की बेहतरीन झलक देखने को मिल रही है। मेले में आने वाले लोगों को हरियाणा में खड़े होकर हिमाचल प्रदेश में होने की अनूभूति मिल रही है। हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण परिवेश, पहाड़ों की रानी शिमला स्थित जाखू हनुमान मंदिर और रोप-वे सहित पर्यटन विकास से संबंधित अधोसंरचना को एक मॉडल के रूप में प्रदर्शित किया गया है, जो लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं। प्रदेश के विभिन्न पर्यटन स्थलों को स्टाल में प्रदर्शित चित्रों के माध्यम से सजाया गया है।



