Supreme Court on Himachal Panchayati Raj Elections:
हिमाचल प्रदेश पंचायतीराज और शहरी निकायों के चुनाव के मामले पर शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने स्थिति स्पष्ट की। सुप्रीम कोर्ट ने सराकर को 31 मई से पहले हर हाल में चुनाव करवाने को कहा है। इससे पहले हिमचाल प्रदेश उच्च न्यायालय ने अप्रैल में चुनाव प्रक्रिया को पुर्ण करने को कहा था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पुनर्सीमांकन के नाम पर संवैधानिक संस्थाओं के चुनाव को नहीं टाला जा सकता।
उच्च न्यायालय ने दिया था, अप्रैल तक का समय-
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायाधीश जयमाल्या बागची की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया है। इससे सुक्खू सरकार को एक और महीने की राहत मिली है। हिमाचल प्रदेश में पंचायत चुनाव दिसंबर में होने थे। 31 जनवरी को पंचायतों का कार्यकाल खत्म हो गया था। हिमाचल हाईकोर्ट के आदेश के बाद सरकार ने एलएसपी डालकर सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई थी। अब सुप्रीम कोर्ट ने अपना फैसला सुना दिया है।
आपदा प्रबंधन अधिनियम का दिया तर्क-
सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में हिमाचल सरकार ने कहा कि प्रदेश में हाल ही में भारी बारिश और आपदा के कारण नुकसान हुआ है। कई स्थानों पर बहाली का कार्य अभी जारी है। सरकार का कहना है कि प्रदेश में आपदा प्रबंधन अधिनियम लागू है, इसलिए इस समय चुनाव कराना संभव नहीं है। सरकार ने यह भी तर्क दिया है कि आपदा प्रबंधन अधिनियम संसद द्वारा बनाया गया कानून है।
ऐसे में संसद का कानून प्राथमिकता रखता है। राज्य सरकार का कहना है कि हाईकोर्ट ने चुनाव कराने के लिए जो समय सीमा तय की है, वह पर्याप्त नहीं है। चुनाव प्रक्रिया पूरी करने के लिए अधिक समय की जरूरत है। सरकार का यह भी कहना है कि इन सभी पहलुओं पर हाईकोर्ट ने पूरी तरह विचार नहीं किया।



