राजधानी दिल्ली में धूमधाम से मनाया गया विजयादशमी का पर्व, राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने दी देशवासियों को शुभकामनाएं

दिल्ली : राजधानी दिल्ली में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व बेहद उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। राम-रावण युद्ध के रोमांचक मंचन के बाद…

राजधानी दिल्ली में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व बेहद उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। राम-रावण युद्ध के रोमांचक मंचन

दिल्ली : राजधानी दिल्ली में मंगलवार को विजयादशमी का पर्व बेहद उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। राम-रावण युद्ध के रोमांचक मंचन के बाद शहर के विभिन्न रामलीला मैदानों में रावण के विशाल पुतलों का दहन किया गया। द्वारका से लेकर पूर्वी दिल्ली और लालकिला मैदान तक उत्सव का माहौल देखने को मिला। इस भव्य आयोजन को देखने के लिए भारी संख्या में लोग पहुंचे, जिसे देखते हुए सुरक्षा के भी कड़े इंतजाम किए गए थे।

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता द्वारका में हुईं शामिल

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू द्वारका सेक्टर-10 में ‘द्वारका श्री रामलीला सोसायटी’ द्वारा आयोजित दशहरा समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। उनके साथ दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी मौजूद रहीं। इस कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 221 फुट ऊंचे रावण के पुतले का दहन रहा।

समारोह को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने देश-विदेश के सभी नागरिकों को विजयादशमी की बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह त्योहार अधर्म और अन्याय पर धर्म और न्याय की विजय का प्रतीक है। देश-विदेश में आयोजित होने वाली रामलीलाओं के माध्यम से करोड़ों लोग भगवान राम के महान आदर्शों को अपने जीवन में उतारते हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने जनता को संबोधित करते हुए कहा कि हमें प्रभु राम के आदर्शों पर चलते हुए समाज की बुराइयों को खत्म करना होगा। उन्होंने देश की तरक्की में योगदान देने, देशद्रोहियों को सबक सिखाने और नफरत को मिटाकर प्रेम का दीप जलाने का आह्वान किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पूर्वी दिल्ली के पटपड़गंज स्थित आईपी एक्सटेंशन रामलीला समिति के दशहरा समारोह में पहुंचे। यहाँ राम-रावण युद्ध के मंचन के पश्चात रावण का पुतला दहन किया गया।

देशवासियों को विजयादशमी की शुभकामनाएं देते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज भारत का कोना-कोना राममय हो चुका है और पूरा देश रामलीला के रंग में डूबा हुआ है। उन्होंने जोर देकर कहा कि रामलीलाओं का मंचन, अत्याचार और आतंक के अंत का उद्घोष तथा असत्य पर सत्य की विजय का विश्वास हमारे लिए केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि भारत की ‘प्राण ऊर्जा’ है।

प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि हमारी संस्कृति ने हज़ारों वर्षों से प्रभु श्रीराम की उपासना सिर्फ इसलिए नहीं की कि उन्होंने रावण का अंत किया था, बल्कि इसलिए की क्योंकि भगवान राम ने मानवता के इतिहास में अतुलनीय आदर्श स्थापित किए हैं।

अन्य खबरें जानें –

ਪ੍ਰਧਾਨ ਮੰਤਰੀ ਮੋਦੀ ਨੇ ਦਿੱਲੀ ਵਿੱਚ ਮਨਾਇਆ ਵਿਜਯਦਸ਼ਮੀ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ: “ਤਿਉਹਾਰ ਸਿਰਫ਼ ਜਸ਼ਨ ਨਹੀਂ, ਸਗੋਂ ਭਾਰਤ ਦੀ ਪ੍ਰਣ ਊਰਜਾ ਹਨ”

न्यूज़ अपडेट्स के लिए LIVING INDIA NEWS 24/7 LIVE के साथ बने रहें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *