ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: दिल्ली हाई कोर्ट के जज एस. मुरलीधर के तबादले पर सियासी बवाल शुरू हो गया है, कांग्रेस की तरफ से तबादले पर उठाए जा रहे सवालों का केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने ट्टीट कर जवाब दिया है, अपने ट्वीट में उन्होंने कहा कि कोलेजियम ने 12 फरवरी को जस्टिस एस. मुरलीधर के तबादले की सिफारिश की थी, इसके बाद पूरी कानूनी प्रक्रिया के बाद तबादले का आदेश जारी किया गया है, जज का ट्रांसफर करते वक्त जज की सहमति भी ली गई थी। अच्छी तरह से तय प्रक्रिया का पालन किया गया है।
बतादें कि, नागरिकता संशोधन एक्ट यानी CAA पर दिल्ली में खूनी खेल खेला जा रहा है। यहां पर अब तक CAA पर हुई हिंसा में 34 लोगों की मौत हो चुकी है, इससे पहले कल बुधवार को दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके में हिंसक प्रदर्शन हुआ था, यहां पर कुछ उपद्रवियों ने एक दुकान में आग लगा दी थी। तो वहीं दिल्ली की स्थिति पर काबू पाने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को खुली छूट दी गई है, जिसके बाद ,अजित डोभाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कैबिनेट को दिल्ली हिंसा की जानकारी दी।
जज का ट्रांसफर कर
इससे पहले दिल्ली हिंसा की जांच कर रहे हाई कोर्ट के जज का ट्रांसफर कर दिया गया था , जिसके बाद राहुल गांधी ने एक ट्वीट किया अपने ट्वीट में राहुल गांधी ने जस्टिस लोया को याद किया और लिखा कि बहादुर जज लोया को नमन, जिनका ट्रांसफर नहीं किया गया था। साथ ही दिल्ली हाई कोर्ट के जज का ट्रांसफर होने पर प्रियंका गांधी ने सवाल खड़े करते हुए ट्वीट किया अपने ट्वीट में उन्होंने लिखा कि, आधी रात में जस्टिस मुरलीधर का तबादले से हैरानी हुई हैॆ, सरकार न्याय का मुंह बंद करना चाहती है।
हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से 19 फोन आए
दूसरी तरफ दिल्ली फायर डिपार्टमेंट ने बताया कि रात 12 बजे से सुबह 8 बजे तक हिंसा प्रभावित क्षेत्रों से 19 फोन आए है, इस दौरान 100 से अधिक फायरमैन को मदद के लिए भेजा गया है, दिल्ली के मौजपुर इलाके में सबसे पहले हिंसा भड़की थी, उस जगह पर अब सबकुछ शांत होने लगा है, हालांकि, अभी भी सुरक्षाबलों की भारी तैनाती है।



