ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज:– बैंक प्रबंधक ने ग्राहकों को बताया कि, मुख्यालय से ऐसे निर्देश आये हैं कि, ग्राहक एक महीने में अधिकतम 50 हजार रुपये ही बैंक खाते से निकल सकते हैं। ऐसे में वह कुछ नहीं कर सकते हैं। इसके अलावा बैंक में भीड़ से परेशान ग्राहकों को दोगुनी समस्या झेलनी पड़ रही है। एक ओर जहां लोग कोरोना के चलते भीड़ से बच रहे हैं, वहीं अपनी रकम वापस पाने के लिए बैंक की भारी भीड़ में शामिल हो रहे हैं। इसको लेकर खाताधारको में काफी रोष है। बैंक प्रबंधक व कर्मचारियों ने मीडिया को बैंक के अंदर आने से रोका और इस बारे में मीडिया को कुछ भी बताने से मना कर दिया।
आरबीआई की गाइडलाइन के बाद उपभोक्ताओं में अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। गाइडलाइन जारी होने के बाद यस बैंक की शाखाओं में सुबह से लंबी कतारें लगी रहीं। बैंक की ओर से उपभोक्ताओं को केवल ₹ 50,000 देने की बात कही गई है। इससे उपभोक्ता परेशान हैं। इसे लेकर यस बैंक की शाखाओं में सुबह से भारी भीड़ लगी रही। जिले में यस बैंक के सभी एटीएम खाली हो गए हैं। करनाल के सेक्टर-12 में स्थित यस बैंक की ब्रांच में सुबह साढ़े नौ बजे से ही लोगों का आना शुरू हो गया। खाताधारक चिंतित हैं। लोग बैंक में रुपयों के बारे में जानकारी ले रहे हैं।
वहीं जब एक दंपति खाताधारक से बात की गयी तो दंपति डरा हुआ दिखायी दिया। उन्होंने कहा कि, हमारा 50 लाख रुपए के करीब पैसा बैंक में है, जिसकी हमें अब सख्त जरूरत है । महिला ने यह वाक्य रोते-रोते कहे। खून-पसीने की बैंक मे जमा कमायी के डूब जाने का डर लोगों को सता रहा है। वो अपनी मेहनत की कमायी को डूबते हुए नहीं देख सकते।


