दिल्ली, 28 जुलाई
नीट पेपर लीक और छात्रों से जुड़े आंदोलन और पुलिस कार्रवाई पर दायर याचिकाओं की आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की गई। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि छात्रों का शांतिपूर्ण प्रदर्शन करना उनका संवैधानिक अधिकार है। कोर्ट ने कहा कि 18 साल के कम प्रदर्शनकारियों जिनका कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं है उन्हे तुरंत रिहा किया जाए।सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि यदि पुलिस द्वारा जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया है तो जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि छात्रों को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का पूरा अधिकार है, लेकिन कानून तोड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है। आंदोलन के दौरान 250 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हुए हैं। कोर्ट ने कहा कि प्रदर्शन से जुडे सभी डिजिटल सबूत, CCTV फुटेज, ड्रोन रिकॉर्डिंग, बॉडी कैमरा फुटेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य सुरक्षित रखे जाएं। इसके अलावा दिल्ली समेत आठ राज्यों से जवाब तलब किया गया है। कोर्ट ने यह भी कहा कि जिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं था, उनके खिलाफ फिलहाल कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी।इस मामले की अगली सुनवाई 3 अगस्त को होगी।
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