पंजाब विधानसभा द्वारा सर्वसम्मति से श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी पंजाब बिल, 2026 पारित

चंडीगढ़, 16 मार्च: पंजाब विधानसभा ने आज पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा प्रस्तुत ऐतिहासिक श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी पंजाब…

Sri Guru Tegh Bahadur World Class University Punjab Bill

चंडीगढ़, 16 मार्च:

पंजाब विधानसभा ने आज पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा प्रस्तुत ऐतिहासिक श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी पंजाब बिल, 2026 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया। पंजाब की आध्यात्मिक विरासत को आधुनिक उच्च शिक्षा के साथ जोड़ने की दिशा में उठाए गए इस महत्वपूर्ण कदम के तहत पवित्र नगरी श्री आनंदपुर साहिब में एक अत्याधुनिक विश्व स्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने का प्रस्ताव रखा गया है। यह संस्थान रक्षा, एयरोस्पेस, साइबर सुरक्षा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों में उत्तरी भारत के पहले विशेष कोर्स उपलब्ध करवाएगा और इसे एमआईटी जैसी वैश्विक संस्थाओं के स्तर का बनाने का लक्ष्य रखा गया है।

आज बिल पेश करते हुए स बैंस ने श्री आनंदपुर साहिब के ऐतिहासिक महत्व और श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी की महान शहादत पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा,
“इस पवित्र नगरी की जमीन श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी ने स्वयं खरीदी थी। यही वह पावन धरती है जहाँ दसवें गुरु श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने न्याय और मानवता की रक्षा के लिए खालसा पंथ की स्थापना की थी। यह विश्वविद्यालय सिख विरासत को समर्पित एक विनम्र श्रद्धांजलि है।”

बिल की परिवर्तनकारी संभावनाओं को उजागर करते हुए शिक्षा मंत्री ने उभरती प्रौद्योगिकियों और रणनीतिक अध्ययन पर केंद्रित एक विशेष शैक्षणिक ढांचे की रूपरेखा प्रस्तुत की, जो वर्तमान में उत्तरी भारत की किसी भी प्रमुख संस्था में उपलब्ध नहीं है। प्रस्तावित पाठ्यक्रमों में रक्षा प्रौद्योगिकी में बीएससी, रणनीतिक एवं रक्षा अध्ययन में एमएससी, रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स और राडार प्रणालियों में एमटेक, मिलिट्री रोबोटिक्स और परमाणु प्रणालियों में एमटेक, एआई में बीटेक और एमटेक, डेटा साइंस में एमएससी, ड्रोन इंजीनियरिंग एवं यूएवी टेक्नोलॉजी, साइबर सुरक्षा में बीटेक, साइबर वारफेयर और राष्ट्रीय सुरक्षा में एमटेक, स्पेस टेक्नोलॉजी और सैटेलाइट इंजीनियरिंग में बीटेक, सेमीकंडक्टर इंजीनियरिंग में बीटेक, चिप डिजाइन और माइक्रो-इलेक्ट्रॉनिक्स में एमटेक, क्वांटम टेक्नोलॉजी और क्वांटम कंप्यूटिंग में डिग्रियां, मिलिट्री हिस्ट्री में बीए और एमए, रक्षा एवं सैन्य कानून में एलएलएम तथा सीमा सुरक्षा और आतंकवाद-रोधी अध्ययन जैसे पीजी डिप्लोमा शामिल होंगे।

स बैंस ने कहा कि रक्षा अब केवल सरकारी क्षेत्र तक सीमित नहीं रही है। महिंद्रा, टाटा और अन्य कंपनियां भी ड्रोन और मिसाइल निर्माण में सक्रिय हैं, इसलिए युवाओं को नई चुनौतियों के लिए प्रशिक्षित करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि सतलुज नदी और गोबिंद सागर झील के संदर्भ में समुद्री अध्ययन से जुड़े कोर्स भी शुरू किए जाएंगे, जबकि गुरु काल से लेकर महाराजा रणजीत सिंह के समय तक की युद्ध परंपराओं के अध्ययन के लिए सैन्य इतिहास में मास्टर डिग्री भी प्रदान की जाएगी।

शिक्षा मंत्री ने पुलिसिंग और आंतरिक सुरक्षा में तकनीक आधारित अनुसंधान की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि सीमा राज्य होने के कारण पंजाब की स्थिति विशिष्ट है। उन्होंने कहा कि यह संस्थान वैश्विक मानकों के अनुसार विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार एमआईटी के समकक्ष एक संस्थान की कल्पना कर रही है, जो हरगोबिंद खुराना, पियारा सिंह गिल और डॉ. नरेंद्र सिंह कपानी जैसे महान वैज्ञानिकों की विरासत को आगे बढ़ाते हुए भविष्य के वैज्ञानिक तैयार करेगा। यह एक अंतरराष्ट्रीय मानकों वाला विश्वविद्यालय होगा, जहाँ विद्यार्थी केवल डिग्री ही नहीं लेंगे बल्कि आने वाले 20 से 50 वर्षों में पंजाब और देश के सामने आने वाली चुनौतियों पर भी काम करेंगे।

उन्होंने बताया कि अगले तीन वर्षों में इस परियोजना के लिए 300 करोड़ रुपये के निवेश का प्रस्ताव है, जिसमें से मौजूदा बजट में प्रारंभिक रूप से 20 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। यह परियोजना राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है और आवश्यकतानुसार अतिरिक्त फंड भी उपलब्ध कराया जाएगा।

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय को रणनीतिक रूप से कीरतपुर साहिब-नंगल हाईवे पर प्रस्तावित नए बाईपास के पास स्थापित किया जाएगा, जिससे पहुँच आसान होगी। यह शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, मोहाली से लगभग 70 मिनट की दूरी पर स्थित होगा और राष्ट्रीय राजधानी से लगभग चार घंटे की दूरी पर रहेगा। जुलाई 2026 तक पाठ्यक्रम शुरू करने के लिए एक बंद पड़े कॉलेज और एक मार्शल अकादमी में अस्थायी ट्रांजिट कैंपस की पहचान कर ली गई है और अधिकारी दिन-रात काम कर रहे हैं।

बैंस ने अनुमान जताया कि आने वाले दशक में यह विश्वविद्यालय 10,000 से अधिक विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान करेगा, जिससे क्षेत्र में सीधे और परोक्ष रूप से हजारों रोजगार के अवसर पैदा होंगे। इनमें फैकल्टी, तकनीकी स्टाफ, लैब सहायक के साथ-साथ रिटेल, आतिथ्य और स्टार्ट-अप क्षेत्र भी शामिल होंगे।

उन्होंने घोषणा की कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350वें शहीदी दिवस के समापन समारोह का आयोजन इसी विश्वविद्यालय परिसर में किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह केवल एक विश्वविद्यालय नहीं, बल्कि इस पवित्र भूमि को समर्पित एक श्रद्धांजलि है।

विश्वविद्यालय की स्थापना को एक मिशन बताते हुए बैंस ने कहा कि यह श्री आनंदपुर साहिब, नंगल, रूपनगर (रोपड़), गढ़शंकर, बंगा, बलाचौर, नवांशहर और होशियारपुर क्षेत्र के विद्यार्थियों की तकदीर बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
चर्चा के बाद पंजाब विधानसभा ने श्री गुरु तेग बहादुर विश्व स्तरीय यूनिवर्सिटी पंजाब बिल, 2026 को सर्वसम्मति से पारित कर दिया।

अन्य ख़बरें जानें-

Pak Airstrikes on Afghanistan: अफ़ग़ानिस्तान पर पाकिस्तान के हवाई हमले में 400 लोगों की मौत, 250 घायल, जानिए दोनों देशों का क्या है कहना?

अन्य अपड़ेट के लिए जुड़े रहिए LIVING INDIA NEWS के साथ 24/7 LIVE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *