डेस्क रिपोर्ट लिविंग इंडिया न्यूज: बचाव पक्ष ने कहा कि राम रहीम समाज सेवी हैं. उन्होंन जन कल्याण के बहुत कार्य किए हैं. इसका संज्ञान लेते हुए नरमी बरती जानी चाहिए. वकील ने बाबा की सेहत का भी हवाला दिया कि इनकी तबीयत ठीक नहीं रहती है, इनके साथ नरमी बरती जाए.
-बचाव पक्ष के वकील का तर्क था कि कई अनाथ बच्चों को संभालते हैं. सेना के लिए रक्तदान कर चुके हैं. अगर जेल चले गए तो अनाथ बच्चों का लालन-पालन मुश्किल में पड़ जाएगा. इस दौरान बाबा लगातार रोते रहे, और कहते रहे कि जज साहब मुझे माफ कर दो.
-सीबीआई का वकील इस पर अड़ा रहा कि बाबा को उम्रकैद की सजा होनी चाहिए, क्योंकि जिस समय शिकायतकर्ता साध्वियों के साथ रेप हुआ, उस समय वो नाबालिग थीं.
– अभियोजन पक्ष ने बलात्कार के दोषी राम रहीम के लिए अधिकतम सजा की मांग की.
– सुनवाई शुरू होते ही स्पेशल सीबीआई जज जगदीप सिंह ने दोनों पक्षों को 10-10 मिनट बहस के लिए समय दिया. दोनों वकीलों की दलीलें सुनने के बाद दोनों कहा कि आप बाहर बैठें.
इसके बाद जज ने 15 मिनट में सजा का फैसला लिखा गया, फिर सजा का एलान किया.
डेरा सच्चा सौदा के प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को 15 साल पुराने साध्वी रेप केस में 10 साल कैद की सजा सुना दी गई. रोहतक जेल में ही जज जगदीप सिंह ने गुरमीत राम रहीम सिंह को सजा सुनाई. डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को रोहतक की सुनारिया जेल में बने विशेष कोर्ट में बलात्कार के गुनाह की सजा आखिरकार सुना दी गई.
#GurmeetRamRahimSentencing
