न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया:
सही कहा है – ये वक्त सबसे बलवान है, यही वक्त इंसान को घोड़ी भी चढ़ाता है और यही वक्त इंसान को पैदल भी चलाता है। और इस बात का ताजा उदारहण है वर्तमान में राम रहीम , एक वक्त था जब राम रहीम ऐश की ज़िंदगी जीता था , दुनिया भर के करोड़ों के हिसाब से उसके समर्थक उसके सामने झुकते थे। लेकिन आज उसी राम रहीम ही दुनिया कारागार की चार दीवारी के भीतर घिर गई है। सुबह का चढ़ता सूरज और डूबता चाँद भी देखने को बलात्कार का दोषी राम रहीम देखने को तरसता होगा। इतना ही नहीं उसके काले कारनामो में शामिल उसके करीबियों को भी पुलिस, उसके पास पहुँचाने की पूरी कोशिश कर रही है। पुलिस एक एक करके अब तक राम रहीम के सात करीबियों को कोर्ट में पेश कर चुकी है , वहीँ उसकी दत्तक पुत्री हनीप्रीत की तलाश में दिन -रात एक किए हुए है।
वक्त सबसे बलवान: राम रहीम की ऐश की ज़िंदगी VS कारागार की चार दीवारी
न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया: सही कहा है – ये वक्त सबसे बलवान है, यही वक्त इंसान को घोड़ी भी चढ़ाता है और यही वक्त इंसान को…
