यमुनानगर, 7 अक्टूबर
यमुनानगर में हुई तेज बारिश ने अनाज मंडियों में किसानों की फसल की सुरक्षा को लेकर किए जा रहे इंतजामों की पोल खोलकर रख दी है। साढौरा और छछरौली की अनाज मंडियों में बारिश के बाद हालात ऐसे बने कि किसानों की मेहनत पर पानी फिरता नजर आया।
मंडी में एक फीट तक भरा पानी
सढौरा अनाज मंडी में बारिश के बाद करीब एक फीट तक पानी जमा हो गया। मंडी परिसर में जगह-जगह जलभराव दिखाई दिया, जबकि खुले आसमान के नीचे रखी धान की ढेरियां बारिश में भीगती नजर आईं। तेज बारिश के बीच धान की फसल पूरी तरह से भीग गई। इतना ही नहीं, पानी के तेज बहाव में धान बहता हुआ भी दिखाई दिया।किसानों को अपनी फसल खराब होने की चिंता सताने लगी है।
किसानों की बढ़ी मुश्किलें
छछरौली अनाज मंडी में भी बारिश की मार किसानों के धान पर पड़ी। धान खरीद का सीजन चल रहा है और इसी बीच हुई बारिश ने किसानों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि जब धान मंडियों में पहुंच चुका है, तो किसानों की फसल को बारिश से बचाने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं किए गए? मंडियों में जलभराव और खुले में रखे धान ने व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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