पंजाब पुलिस ने पुलिस प्रतिष्ठान पर हमले की साजिश को किया नाकाम; अमृतसर में आईईडी बरामद

चंडीगढ़/अमृतसर, 16 अगस्त: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के दौरान बड़ी…

पंजाब

चंडीगढ़/अमृतसर, 16 अगस्त:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के दिशा-निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाई जा रही मुहिम के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए, अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने शनिवार और रविवार की मध्यरात्रि को मोम से लिपटे एक पैकेट, जिसमें 690 ग्राम वजन वाला एक इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी) के साथ-साथ एक इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, बैटरी, टाइमर और लोहे का बॉक्स था, की बरामदगी के साथ पुलिस प्रतिष्ठान को निशाना बनाने की एक आतंकवादी साजिश को नाकाम कर दिया है।

डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने कहा कि जब्त किए जाने के बाद इस विस्फोटक सामग्री को सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार संभाला गया और बम डिस्पोजल स्क्वाड द्वारा निष्क्रिय कर दिया गया। उन्होंने कहा, “अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने देश विरोधी तत्वों के मंसूबों को नाकाम कर दिया है और सार्वजनिक सुरक्षा के लिए संभावित खतरे को टाल दिया है।”

डीजीपी ने कहा कि इस साजिश को रचने वाले लोगों की पहचान करने और उन्हें गिरफ्तार करने के लिए आगे की जांच जारी है।

इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) अमृतसर ग्रामीण कंवलप्रीत सिंह चहल ने कहा कि स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर चेकिंग प्वाइंट्स पर पहले ही जांच तेज कर दी गई थी और सरकारी संस्थानों पर भी करीबी नजर रखी जा रही थी।

उन्होंने बताया कि इस संबंध में, 15-16 अगस्त, 2026 की रात को, जब एएसआई कुलबीर सिंह रात के समय गश्त कर रहे थे तो पुलिस चौकी गग्गोमाहल के अधिकार क्षेत्र में एक संदिग्ध काले रंग का, मोम से लिपटा पैकेट मिला। उन्होंने बताया कि जांच करने पर, इसमें संदिग्ध आईईडी के साथ-साथ इलेक्ट्रॉनिक डेटोनेटर, एक बैटरी, एक टाइमर और एक लोहे का डिब्बा पाया गया।

एसएसपी ने बताया कि मौके पर बम डिस्पोजल स्क्वाड को बुलाया गया और विस्फोटक सामग्री को मौके पर ही सुरक्षित ढंग से नष्ट कर दिया गया, जबकि बाकी बची वस्तुओं को पुलिस हिरासत में ले लिया गया।

इस संबंध में, एफआईआर नंबर 162 दिनांक 16.08.2026 को अमृतसर ग्रामीण के थाना रामदास में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम की धारा 3, 4 और 5 के तहत दर्ज की गई है।

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