बाल विवाह के खिलाफ पंजाब सरकार की सख्त कार्रवाई: 5 बाल विवाह समय रहते रोककर बच्चों का भविष्य सुरक्षित किया -डॉ. बलजीत कौर

चंडीगढ़, 3 सितंबर: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार प्रदेश से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के पूर्ण उन्मूलन के लिए दृढ़…

पंजाब

चंडीगढ़, 3 सितंबर:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार प्रदेश से बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के पूर्ण उन्मूलन के लिए दृढ़ संकल्प के साथ परिणाम-केंद्रित कदम उठा रही है। इसी कड़ी में समय पर की गई प्रभावी कार्रवाई के चलते प्रदेश में 5 बाल विवाह सफलतापूर्वक रोके गए हैं। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री बलजीत कौर ने दी।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि यह सफलता प्रदेश सरकार की बाल अधिकारों की सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता और त्वरित कार्रवाई की प्रभावी व्यवस्था का स्पष्ट प्रमाण है। उन्होंने कहा कि बच्चों के अधिकारों के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और बाल विवाह जैसी गैर-कानूनी प्रथा को किसी भी कीमत पर पनपने नहीं दिया जाएगा।
बलजीत कौर ने कहा कि बाल विवाह की रोकथाम के लिए पंजाब सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में लगातार जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। इसके तहत अब तक 172 जागरूकता अभियान आयोजित किए गए हैं, जिनके माध्यम से अभिभावकों, पंचायतों, स्कूलों, सामाजिक संस्थाओं और आम लोगों को बाल विवाह के सामाजिक एवं स्वास्थ्य संबंधी दुष्प्रभावों के साथ-साथ इससे संबंधित कानूनी प्रावधानों के बारे में भी जागरूक किया गया है।

उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों से संबंधित प्रत्येक मामले में जीरो टॉलरेंस नीति पर अमल कर रही है। इस उद्देश्य के लिए जिला प्रशासन, पुलिस, बाल कल्याण समितियों, बाल विवाह रोकथाम अधिकारियों और अन्य संबंधित विभागों के बीच आपसी समन्वय को और मजबूत किया गया है, ताकि किसी भी शिकायत पर तत्काल, प्रभावी और कानून के अनुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
बलजीत कौर ने कहा कि बाल विवाह को रोकना केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उन्हें अपने आसपास कहीं भी बाल विवाह होने की जानकारी मिलती है तो वे तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 पर सूचना दें या अपने नजदीकी बाल विवाह रोकथाम अधिकारी से संपर्क करें, ताकि समय रहते हस्तक्षेप करके किसी बच्चे का भविष्य सुरक्षित किया जा सके।
उल्लेखनीय है कि पूरे प्रदेश में 2076 अधिकारियों को बाल विवाह रोकथाम अधिकारी के रूप में नामित किया गया है। इनमें सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालयों के प्रिंसिपल तथा बाल विकास परियोजना अधिकारी (सी.डी.पी.ओ.) बाल विवाह रोकथाम अधिकारी के रूप में कार्य कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार बच्चों के सुरक्षित, सम्मानजनक और अधिकार-आधारित बचपन को सुनिश्चित करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही है और प्रदेश को बाल विवाह मुक्त पंजाब बनाने के लिए हर संभव प्रयास लगातार जारी रखे जाएंगे।

 

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