Punjab Assembly Special Session Against VBGRamG Scheme:
आज पंजाब विधानसभा का स्पेशल सेशन केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा स्कीम में किए गए बदलावों के खिलाफ बुलाया गया है. इस सत्र के दौरान हंगामा हो गया, (Punjab Assembly Special Session) नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने सत्र को समय और पैसे की बर्बादी करार दिया. इस बीच, सेशन से पहले कांग्रेस विधायक परगट सिंह के बयान पर माहौल काफी गरमा गया.
पंजाब के कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद ने मनरेगा खत्म करने के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पेश करने के बाद कहा कि सीनियर कांग्रेस लीडर परगट सिंह ने सेशन से पहले बयान दिया कि इस सेशन में सिर्फ लोगों का पैसा बर्बाद होगा. इसके बाद सदन का माहौल काफी गरमा गया और दोनों पार्टियों के नेता आपस में बहस करने लगे.
सत्र का क्या मतलब, जिसमें कुछ हासिल न हो-
विधानसभा में प्रताप सिंह बाजवा ने कहा- सरकार अब तक कई विशेष सत्र बुला चुकी है. विशेष सत्र वही होता है जिससे कोई नतीजा निकले. उन्होंने सवाल उठाया कि ऐसे सत्र का क्या मतलब, जिसमें कुछ भी हासिल न हो. इस बयान पर मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंध ने आपत्ति जताते हुए कहा कि अगर विपक्ष को ऐतराज है तो वे सत्र का बहिष्कार कर दें. इस पर बाजवा ने पलटवार करते हुए कहा कि वे बहिष्कार क्यों करें, मनरेगा योजना कांग्रेस सरकार ही लेकर आई थी और यह उनकी योजना है.
Punjab Assembly Special Session पीएम के घर के बाहर दे धरना, कांग्रेस भी देगी साथ-
बाजवा ने कहा कि केवल विशेष सत्र बुलाने से कुछ नहीं होगा. अगर सरकार वास्तव में गंभीर है तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर के बाहर धरना दे, जिसमें कांग्रेस भी साथ देगी. उन्होंने कहा कि यह दसवां विशेष सत्र है, लेकिन न तो पहले नौ सत्रों से कोई नतीजा निकला और न ही इस सत्र से कुछ निकलने की उम्मीद है. उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पंजाब के लोगों को गुमराह कर रही है और विधानसभा को एक मंच की तरह इस्तेमाल कर रही है, जहां सिर्फ भाषणबाजी और झूठ बोला जा रहा है.
राज्यों को 30 से 50 करोड़ रुपये देने होंगे-
इस पर जवाब देते हुए परगट सिंह ने साफ किया कि वे आखिरकार इस नतीजे पर पहुंचे हैं कि उन्हें सिर्फ स्पेशल सेशन बुलाने की जरूरत नहीं है, बल्कि रेगुलर सेशन भी बुलाने चाहिए. उन्होंने कहा कि इन सेशनों में जीरो काल पर प्रश्न काल नहीं होता जिससे लोगों के मुद्दों पर खुलकर बात नहीं हो पाती. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार मनरेगा खत्म करने जा रही है. नए सिस्टम के मुताबिक, राज्यों को 30 से 50 करोड़ रुपये देने होंगे और कई राज्य अभी उस स्थिति में नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पहले मनरेगा में 100 दिन के रोजगार की स्कीम थी, लेकिन पिछले तीन साल में पंजाब में मनरेगा के तहत सिर्फ 38 दिन का रोजगार दिया गया.



