Punjab-Haryana HC Amritpal Singh:
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने अमृतपाल सिंह की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत अपनी हिरासत को चुनौती दी थी। मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की पीठ ने फैसला सुनाते हुए कहा कि अमृतपाल सिंह की गतिविधियां राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा पैदा करती हैं। कोर्ट ने अमृतसर के जिला मजिस्ट्रेट द्वारा 17 अप्रैल, 2025 को जारी किए गए हिरासत के आदेश को सही ठहराया, जो 23 अप्रैल, 2025 से प्रभावी हुआ था। अमृतपाल के वकीलों ने तर्क दिया था कि सरकार द्वारा जिला मजिस्ट्रेटों को दी गई शक्तियां बहुत सामान्य हैं और ये किसी विशिष्ट घटना पर आधारित होनी चाहिए थीं।
हिरासत सही ठहराने के निम्नलिखित बिंदुओं
पंजाब सरकार की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अनुपम गुप्ता ने कहा कि अमृतपाल के आतंकवादियों से संबंध हैं और 15 लोग उसकी ‘हिट-लिस्ट’ पर थे। हाई-कोर्ट ने हिरासत को सही ठहराने के लिए निम्नलिखित बिंदुओं का हवाला दिया-
गंभीर आरोप:
अमृतपाल पर राष्ट्र-विरोधी ताकतों के साथ साजिश रचने, खालिस्तानी दुष्प्रचार फैलाने और नशीले पदार्थों से कमाए गए पैसों से हथियारों की तस्करी करने के गंभीर आरोप हैं। कोर्ट ने गौर किया कि गुरप्रीत सिंह हरिनाऊ, जिसने अमृतपाल का विरोध किया था, की हत्या कर दी गई थी, जिससे लोगों में डर का माहौल पैदा हो गया था। कोर्ट ने कहा कि अमृतपाल की गतिविधियों का असर सिर्फ एक जिले तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे पंजाब में है।
कानूनी प्रक्रिया:
कोर्ट ने पाया कि NSA के तहत गठित सलाहकार बोर्ड ने भी अमृतपाल की हिरासत के लिए आवश्यक कारणों की पुष्टि की है। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जिला मजिस्ट्रेट द्वारा लिया गया फैसला ठोस सबूतों पर आधारित था और इसमें किसी भी हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं थी।
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