Punjab APP MLA Pathan Majra:
सनौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरमीत सिंह पठान माजरा की सरकारी कोठी खाली करवाने की कार्रवाई को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। इस मामले में विधायक के रिश्तेदार संदीप (Punjab APP MLA Pathan Majra) सिंह राजा ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। संदीप सिंह राजा ने बताया कि वे विधायक साहब के रिश्तेदार हैं और बुधवार को परिवार के फोन आने के बाद मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि विधायक की पत्नी ने फोन कर बताया कि कोठी के बाहर और अंदर भारी पुलिस फोर्स तैनात है। इसी सूचना के बाद वे तुरंत मौके पर पहुंचे, लेकिन प्रशासन द्वारा किसी को भी अंदर मिलने नहीं दिया जा रहा।
भगोड़ा दिए गए है करार-
विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। विधायक की याचिका खारिज कर दी गई है। पठानमाजरा ने भगोड़ा करार दिए जाने के आदेशों को रद्द करने और उन पर किसी भी किस्म की कार्रवाई न किए जाने की मांग को लेकर याचिका दायर की थी। दुष्कर्म और धोखाधड़ी के मामले में पठानमाजरा के खिलाफ एक सितंबर को एफआईआर दर्ज की गई थी। जमानत याचिका ट्रायल कोर्ट से खारिज हो चुकी थी। बावजूद इसके वो अदालत में पेश नहीं हुए तो उनके खिलाफ भगोड़ा करार दिए जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई और 20 दिसंबर को उन्हें मामले में भगोड़ा करार दे दिया गया।
जानबूझकर परिवार को मानसिक रूप किया जा रहा परेशान –
उन्होंने आरोप लगाया कि कोठी के अंदर जरूरत से ज्यादा पुलिस बल तैनात किया गया है और परिवार के सदस्यों से किसी को मिलने की इजाजत नहीं दी जा रही। संदीप सिंह राजा ने कहा कि विधायक की पत्नी की तबीयत पहले से ही ठीक नहीं है और अगर उनकी सेहत को कोई नुकसान होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। उन्होंने कहा कि विधायक या सांसद को सरकारी कोठी आवंटित की जाती है, इसके बावजूद एक निर्वाचित विधायक के परिवार के साथ इस तरह की सख्ती और जबरदस्ती प्रशासन का तानाशाही रवैया दर्शाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन ने जानबूझकर ऐसा माहौल बनाया है जिससे परिवार को मानसिक रूप से परेशान किया जा सके।
दिल्ली से लिए जा रहे फैसले-
संदीप सिंह राजा ने कहा कि विधायक साहब हजारों वोटों से जीते हुए जनप्रतिनिधि हैं। जिनके पास पहले पुलिस अधिकारी भी आते-जाते थे। आज उसी विधायक के परिवार के साथ खड़े होने के बजाय प्रशासन धक्का-मुक्की कर रहा है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सनौर हलके के इंचार्ज रणजोत सिंह हडाना के दबाव में यह पूरी कार्रवाई की जा रही है। अब किसी पद पर नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि सरकार अपने ही विधायक के खिलाफ इस तरह की कार्रवाई क्यों कर रही है। उनका कहना था कि आज सरकार नाम की कोई चीज नहीं रह गई है और सारे फैसले दिल्ली से लिए जा रहे हैं।
उन्होंने इसे अफसरशाही का दबदबा करार देते हुए कहा कि पंजाब और खासकर पटियाला में पहले कभी ऐसा नहीं देखा गया कि किसी मौजूदा विधायक के परिवार के साथ इस तरह का व्यवहार किया गया हो। संदीप सिंह राजा ने यह भी बताया कि उन्होंने प्रशासन से बातचीत करने की कोशिश की, लेकिन उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई। विधायक की पत्नी को भी बाहर आने या किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा। उन्होंने कहा कि पत्नी की खराब सेहत को देखते हुए ही प्रशासन को मौके पर एंबुलेंस बुलानी पड़ी।



