ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: पुलवामा..यह नाम जेहन में ताज़ा होते ही पुरे हिंदुस्तान के जख्म हरे हो जाते हैं. 45 जवानों की शहादत हम सब को उद्वेलित कर देती है. इस दिल दहला देने वाले आतंकी हमले को एक साल होने को हो. लेकिन जाँच में जो कड़ियाँ जुड़ रही है व भी काम हैरत अंगेज नहीं हैं क्यूंकि इसकी जाँच के तार हरियाणा के फतेहाबाद से जुड़ गए हैं. आइये आपको बताते हैं क्या है पुलवामा हमले का हरियाणा कनेक्शन।
14 फरवरी 2019 का दिन हम कभी नहीं भूल पाएंगे. इस दिन जम्मू श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर भारतीय सुरक्षा कर्मियों को ले जाने वाले केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल यानि सी०आर०पी०एफ० के वाहनों के काफिले पर आत्मघाती हमला हुआ, जिसमें 45 भारतीय सुरक्षा कर्मी शहीद हो गए थे. भारतीय एजेंसियों द्वारा की गई जाँच में सामने आया था की आतंकी संगठन जैश ए मोहम्मद के आतंकवादी ने विस्फोटकों से लदे वाहन से सीआरपीएफ जवानों को ले जा रही बस को टक्कर मारी थी. केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 2500 से अधिक कर्मी 78 वाहनों के काफिले में जा रहे थे।
इनमें से अधिकतर अपनी छुट्टियां बिताने के बाद अपनी ड्यूटी पर लौट रहे थे। जम्मू कश्मीर राजमार्ग पर अवंतिपोरा इलाके में लाटूमोड पर इस काफिले पर बाद दोपहर करीब साढ़े तीन बजे घात लगाकर हमला किया गया। मौके पर मौजूद प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आत्मघाती हमलावर उस वाहन को चला रहा था जिसमें भारी मात्रा में विस्फोटक रखा हुआ था। वह गलत दिशा में वाहन चला रहा था और उसने जिस बस पर सीधी टक्कर मारी। हमले के षड्यंत्र में शामिल रहे आतंकियों को भारतीय सुरक्षा बलों ने मौत के घर उतार दिया है लेकिन अभी भी मामले की जाँच चल रही है.

अब इस मामले के तार हरियाणा से भी जुड़ गए हैं. जम्मू-कश्मीर के पुलवामा जिले के पुलिस प्रशासन ने फतेहाबाद एसडीएम दफ्तर से एक वाहन नंबर के बारे में डिटेल मांगी है और इस संदर्भ में पत्राचार किया है। आशंका जताई जा रही है कि पुलवामा एसएसपी ने पिछले साल हुए पुलवामा अटैक के संदर्भ में ये जानकारी मांगी है। हालांकि मीडिया में इस पत्राचार से जुड़ी जानकारी लीक होने से फतेहाबाद के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप की स्थिति है। उधर इस बारे में बात करने पर एसडीएम फतेहाबाद संजय बिश्रोई ने इस मामले से ये कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि वे इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं कर सकते।
सूत्रों से मिली जानकारी अनुसार पुलवामा पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से भेजे गए पत्र में एक वाहन नंबर की जानकारी मांगी गई थी। जिसके बाद एसडीएम दफ्तर ने उस नंबर से जुड़ी गाड़ी एवं उसके मालिक के बारे में जानकारी उपलब्ध करवा दी। सूत्रों की मानें तो रिपोर्ट में ये बताया है कि जिस वाहन नंबर की जानकारी मांगी गई है उसके मालिक ने ये गाड़ी सिरसा में आगे एक व्यक्ति को बेच दी थी और ये नंबर वापिस जमा करवा दिया था। इसके बाद पुलवामा पुलिस की ओर से दोबारा एक इंजन एवं चैसीज नंबर के बारे में एसडीएम कार्यालय से विस्तृत जानकारी मांगी गई। एसडीएम दफ्तर के सूत्रों की मानें तो इस संदर्भ में एक पत्र 13 जनवरी को पुलवामा पुलिस अधीक्षक के नाम भेजा है जिसमें कहा गया है कि जिस इंजन नंबर एवं चैसीज नंबर के बारे में जानकारी मांगी गई है उसकी कोई जानकारी एसडीएम कार्यालय के रिकार्ड में उपलब्ध नहीं है।
हालाँकि इस मामले पर आधिकारिक तौर पर कोई बोलने को तैयार नहीं है लेकिन इतना तय है कि भारतीय सुरक्षा एजेंसियां आतंकी हमले के करीब एक साल बाद भी इसकी तह तक जाने में लगी हुई हैं। उम्मीद की जा सकती है वे जल्द इसमें सफल होंगी।



