PM Modi North East Visit:
प्रधानमंत्री मोदी आज को मणिपुर के दौरे पर हैं. 2 दिन के नॉर्थ ईस्ट दौरे पर शनिवार को मिजोरम पंहुचे. दो साल पहले यानी 2023 में जातीय हिंसा भड़कने के बाद यह मणिपुर की उनकी पहली यात्रा है. इस दौरान वे चुराचांदपुर और इंफाल में आंतरिक रूप से विस्थापित लोगों से बातचीत करेंगे. पहले आईजोल पहुंचे और यहां लेंगपुई एयरपोर्ट से बैराबी-सायरंग रेलवे लाइन समेत 9000 करोड़ के प्रोजेक्ट का शिलान्यास और उद्घाटन किया. इसके अलावा, मिजोरम को दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी से जोड़ने वाली पहली ट्रेनों को हरी झंडी दिखाई.
इस मौके पर उन्होंने कहा, लंबे समय से हमारे देश की कुछ राजनीतिक पार्टियां वोट बैंक पॉलिटिक्स कर रही हैं. जिन्होंने मिजोरम को अनदेखा किया, लेकिन आज मिजोरम फ्रंटलाइन में हैं. मिजोरम के बाद पीएम मोदी मणिपुर के चुराचांदपुर और इंफाल में प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन करेंगे, साथ ही शाम 5 बजे असम के गुवाहाटी में भूपेन हजारिका जन्म शताब्दी समारोह में शामिल होंगे.
आइजोल पहली बार गुवाहाटी, दिल्ली और कोलकाता से जुड़ा-
सायरंग से दिल्ली ट्रेन की वजह से अब यह राज्य राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सीधे जुड़ गया है. यह ट्रेन हफ्ते में एक दिन चलेगी और 2510 किमी का सफर 45 घंटे 30 मिनट तय करेगी. एवरेज स्पीड 57.81 किमी प्रति घंटे होगी. सायरंग-कोलकाता ट्रेन सप्ताह में 3 दिन चलेगी. कोलकाता से सायरंग के बीच की 1530 किमी की दूरी 31.15 घंटे में पूरी होगी. यह ट्रेन सप्ताह में शनिवार, मंगलवार और बुधवार को चलेगी. इस ट्रेन की एवरेज स्पीड 48.96 किमी प्रति घंटे होगी.
मोदी बोले- मिजोरम के लोगों ने हमेशा हमेशा प्रेरित किया
मिजोरम का एक बड़ा रोल है हमारी नीति और आर्थिक कॉरिडोर में है. मिजोरम के लोगों ने हमेशा योगदान दिया, हमेशा प्रेरित किया. आज मिजोरम देश की विकास यात्रा में एक अहम भूमिका निभा रहा है. मिजोरम प्रतिभाशाली युवाओं से भरपूर है और हमारा काम उन्हें सशक्त बनाना है. हमारी सरकार यहां पहले ही 11 एकलव्य आवासीय स्कूल बना चुकी है. 6 और विद्यालयों पर काम शुरू होने वाला है. मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि इस क्षेत्र में लगभग 4500 स्टार्टअप और 25 इनक्यूबेटर काम कर रहे हैं. अब पहली बार मिजोरम का सायरंग, राजधानी एक्सप्रेस के जरिए दिल्ली से सीधे जुड़ जाएगा. यह सिर्फ एक रेल कनेक्टिविटी नहीं है, यह बदलाव की जीवनरेखा है.
राज्यपाल और राजनीतिक दलों ने जताई खुशी
मिजोरम के राज्यपाल जनरल वी.के. सिंह (सेवानिवृत्त) ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 11 साल पहले ही विजन दिया था कि विकास तभी होगा जब देश के दूर-दराज और सीमावर्ती इलाकों तक आधारभूत ढांचा पहुंचेगा. मिजोरम की पार्टियां जोरम पीपल्स मूवमेंट (ZPM), मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) ने भी इस परियोजना का स्वागत किया है. उनका कहना है कि इससे राज्य में आर्थिक विकास, व्यापार, पर्यटन और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे.
मिजोरम की पहली रेलवे लाइन की खासियत
भारतीय रेलवे के इतिहास में 8,070 करोड़ रुपये की बैराबी-सैरांग रेलवे लाइन को 2008-09 में मंजूरी दी गई थी और इसका निर्माण 2015 में शुरू हुआ था. इस लाइन में 45 सुरंगें, 55 बड़े पुल और 87 छोटे पुल शामिल हैं. सैरांग के पास पुल संख्या 144, 114 मीटर ऊंचा है. यह कुतुब मीनार से भी ऊंचा है.
पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के एक अधिकारी ने बताया कि यह देश का सबसे ऊंचा रेलवे पुल है. इस मार्ग में पांच सड़क ओवरब्रिज और छह अंडरपास भी हैं, जो बैराबी के अलावा चार मुख्य स्टेशनों होर्टोकी, कावनपुई, मुआलखांग और सैरांग को कवर करते हैं.
प्रधानमंत्री ने तीन नई एक्सप्रेस ट्रेनों सैरांग (आइजोल)-दिल्ली (आनंद विहार टर्मिनल) राजधानी एक्सप्रेस, सैरांग-गुवाहाटी एक्सप्रेस और सैरांग-कोलकाता एक्सप्रेस को भी हरी झंडी दिखाई.



