देश में आज से गुड्स एंड सर्विसेस टैक्स यानी जीएसटी लागू हो गया है. इसके साथ ही देश में एक टैक्स लागू करने का 17 साल का सफर भी अंजाम तक पहुंच गया. राष्ट्रवपति प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के सेंट्रल हॉल में एक साथ बटन दबाकर ठीक रात 12 बजे जीएसटी का आगाज किया. यह देश में सबसे बड़ा टैक्स सुधार है।
जीएसटी लॉन्च. कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री सहित सभी बड़े मंत्री, नेता और अन्य गणमान्य लोग मौजूद थे. पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा भी मंच पर मौजूद रहे ।
जीएसटी लॉन्च. से पहले फर्टिलाइजर्स पर टैक्स रेट को कम कर दिया गया. जीएसटी काउंसिल की 18वीं बैठक के दौरान यह फैसला लिया गया. इसके तहत फर्टिलाइजर्स को 12 की जगह पांच प्रतिशत वाली स्लैब में रखने का फैसला किया गया.
राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा कि जीएसटी से मुझे व्यक्तिगत रूप से काफी संतोष मिला है. उन्होंने कहा कि इसके दौरान मैंने कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बातचीत की जिससे इस व्यवस्था को समझने में मदद मिली.
पीएम ने कहा कि GST सिर्फ एक टैक्स रिफॉर्म नहीं है बल्कि आर्थिक रिफार्म का एक कदम है. जीएसटी से अधिकारियों के हाथों होने वाले शोषण का अंत होगा. उम्मीद है कि व्यापारी इसके फायदे ग्राहकों तक पहुंचाएंगे.
पीएम मोदी ने जीएसटी की दी नई परिभाषा. कहा- ये गुड एंड सिंपल टैक्स है. जीएसटी व्यापार के असंतुलन का समाप्त करेगा. प्रधानमंत्री ने कहा कि जीएसटी के साथ ही टैक्स टेरेरिज्म खत्म हो जाएगा.
पीएम मोदी ने कहा कि जीएसटी से कच्चे बिल, पक्के बिल की कहानी खत्म होगी. जीएसटी को लेकर अफवाह फैलाना बंद करें.

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि जीएसटी लागू होने से नई यात्रा की शुरुआत हो रही है. इस यात्रा में कई लोगों का सहयोग रहा है. हमारा लक्ष्य एक देश, एक टैक्स का है. इस सिस्टम को पास करने में केंद्र और राज्य सरकार का सहयोग रहा है, राष्ट्र के हित में पूरा देश एक साथ आया है.
जीएसटी के लागू होने के साथ ही ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं, बीमा प्रीमियम भुगतानों और क्रेडिट कार्ड के बिलों पर थोड़ी ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। यह सभी सेवाएं जीएसटी की 18 प्रतिशत वाली स्लैब में आती हैं. इन पर पहले 15 प्रतिशत की दर से कर लगता था.
बैंकों और बीमा कंपनियों ने अपने ग्राहकों को इस संबंध में संदेश भेजने शुरू कर दिए हैं. भारतीय जीवन बीमा निगम ने अपने संदेश में लिखा है कि-जीएसटी के तहत सेवाकर की दर में बदलाव 1 जुलाई 2017 से शुरू ।



