ऑनलाइन डेस्क/लिविंग इंडिया न्यूज: मॉब लिंचिंग…जी हां ये शब्द इस तरह की तस्वीरें देखने के बाद फिर से लोकतंत्र में अपनी जगह बनाता नजर आने लगता है। इंसाफ करती भीड़ कब कानून को हाथ में ले ले, कुछ कहा नहीं जा सकता और फिर भीड़ का इंसाफ दुनिया के सबसे बड़े लोकतांत्रिक मुल्क पर कई सवाल भी उठाने लगता है। भीड़ को किसी भी तरह के हिंसक कदम उठाने की इजाजत कतई नहीं दी जा सकती है। लेकिन भीड़ जब मॉब लिंचिंग की गिरफ्त में आती है, तो फिर उसे काबू में पाना भी बमुश्किल लगने लगता है।सरेराह एक चोर की हैवानों की तरह पिटाई करने वाली ये भीड़तंत्र का वो चेहरा है, जो कानून को ही ठेंगा दिखा रहा है, या फिर प्रदेश में कानून के कमजोर होने की गवाही भर रहा है।
दरअसल यमुनानगर में इन दिनों एक चोर की पिटाई का वीडियो वायरल हो रहा है। जिसमें कुछ लोग सड़क पर चोर की जमकर धुनाई करते हुए नजर आ रहे हैं। आरोप है कि जिस युवक के साथ मारपीट की जा रही है, वो किसी शख्स का मोबाइल छीनकर भाग रहा था। भीड़तंत्र की हैवानियत इस कद्र थी कि, लोग उसकी पिटाई करने के बाद उसे जानवरों की तरह घसीटकर लेजाते भी दिख रहे हैं।
तो फिर सवाल ये कि आखिर भीड़ को ये इजाजत किसने दे दी ? युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया जा सकता था, लेकिन भीड़ लोकतंत्र को शर्मसार करती हुई जिस तरह से इंसाफ खुद ही करती नजर आई है, ऐसे में मनोहर प्रदेश की पुलिस कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में है।


