सोनीपत, 5 अक्टूबर
सोनीपत में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए भिवानी ACB की गन्नौर तहसील में तैनात हल्का पटवारी को ₹90 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी पटवारी की पहचान गांव उमेदगढ़ निवासी सचिन के रूप में हुई है। आरोप है कि एक कंपनी के बैंक लोन को राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज करने के एवज में पटवारी ने कंपनी के व्यक्ति से रिश्वत की मांग की थी। पटवारी ने पहले ₹2 लाख की रिश्वत मांगी थी, जिसके बाद बातचीत के दौरान ₹1 लाख में सौदा तय हुआ। रिश्वत की रकम देने को लेकर कंपनी के व्यक्ति ने भिवानी ACB को शिकायत दी। शिकायत मिलने के बाद ACB ने मामले की जांच की और ट्रैप की कार्रवाई की।
बैंक लोन की एंट्री के बदले मांगी रिश्वत
ACB के अनुसार एक कंपनी ने बैंक से लोन लिया हुआ था। बैंक से लोन मिलने के बाद संबंधित संपत्ति की फर्द और राजस्व रिकॉर्ड में बैंक लोन का इंद्राज किया जाता है। इसका उद्देश्य यह होता है कि लोन से जुड़ी संबंधित प्रॉपर्टी को बिना बैंक की जानकारी के बेचने से रोका जा सके। इसी प्रक्रिया को पूरा करने के एवज में आरोपी पटवारी द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने का आरोप है।
₹1 लाख में हुआ सौदा
ACB इंस्पेक्टर ने बताया कि पटवारी सचिन ने पहले ₹2 लाख की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता और पटवारी के बीच बातचीत के बाद रिश्वत की रकम ₹1 लाख में तय हुई थी। इसके बाद कंपनी के व्यक्ति ने मामले की शिकायत ACB को दी।
शिकायत मिलने के बाद ACB ने बनाया ट्रैप
कंपनी के व्यक्ति की शिकायत मिलने के बाद भिवानी ACB की टीम ने कार्रवाई की योजना बनाई। टीम ने ट्रैप लगाकर शिकायतकर्ता को रिश्वत की रकम लेकर पटवारी के पास भेजा। शिकायतकर्ता ने पटवारी को ₹90 हजार दिए। इसी दौरान ACB की टीम ने आरोपी पटवारी को रिश्वत की रकम के साथ रंगे हाथों पकड़ लिया।
जल्द ही कोर्ट में होगी पेशी
ACB टीम ने आरोपी पटवारी सचिन के कब्जे से रिश्वत की ₹90 हजार की रकम बरामद कर ली है। ACB की ओर से आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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