न्यूज डेस्क/लिविंग इंडिया :
पेट्रोल और डीजल की कीमतें साल 2014 के बाद सबसे ऊंची स्तर पर पहुंच गई है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें तीन साल पहले के मुकाबले आधी रह गई हैं। लेकिन इसका फायदा आम जनता को नहीं मिल पा रहा है। जिसको लेकर कांग्रेस ने मोदी सरकार के खिलाफ टंगा प्रदर्शन भी किया।
पेट्रोल की कीमते पहुंची सातवें आसमान पर
केंद्र सरकार बढ़ा रही है मनमाने दाव!
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमते हैं कम
2014 से लगातार बढ़ रहे हैं दाम
कांग्रेस ने निकाला टांगा प्रदर्शन
देश में लगातार बढ़ते पेट्रोल और डीजल की कीमतों ने आम आदमी की कमर तोड़ कर रख दी है और यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिरकार वर्तमान सरकार की नई ईंधन नीति उद्योगपतियों की मदद करने के लिए है या फिरप साधारण व्यक्ति की सहायता के लिए अन्तर्राष्ट्रीय तेल कीमतों से घरेलू तेल के कीमतों को जोड़ने का मतलब यह नहीं है कि विश्व बाजार में कच्चे तेल के भाव लगातार गिरते रहने के बावजूद घरेलू बाजार में पेट्रोल के भाव लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं तो आईए अब पेट्रोल और डीजल के बढ़ते दामों पर एक नजर डालते हैं।
वर्तामन में पेट्रोल 70.57 और डीजल 59.64 प्रति लीटर है।
वहीं पिछले महीने पेट्रोल 65.54 और डीजल 56.36 प्रति लीटर था।
साल 2016 में पेट्रोल 69.4 और डीजल 57.64 प्रति लीटर था।
साल 2015 में पेट्रोल 61.37 और डीजल 46.84 प्रति लीटर था।
साल 2014 में पेट्रोल 62.15 और डीजल 50.11 प्रति लीटर था
तो ये है मोदी सरकार में पेट्रोल के बढ़ते मनमाने दाम| जिसको लेकर आज लुधियाना में कांग्रेस ने रोष प्रकट किया है। जिला युवा कांग्रेस ने टांगे पर सवार हो कर प्रदर्शन किया और लगातार बड़ रही पेट्रोल और डीजल की कीमतो पर नाराजगी जताई।
