Ladakh Violence Update: सोनम वांगचुक ने जेल से लिखा पत्र, लद्दाख में 26 प्रदर्शनकारी रिहा, वांगचुक की पत्नी ने राष्ट्रपति को लिखा

Sonam Wangchuk Letter From Jail: लेह हिंसा के बाद गिरफ्तार हुए सामाजिक कार्यकर्ता को जोधपुर जेल में रखा गया. अभी तक उनकी पत्नी गीतांजलि सोनम…

Sonam Wangchuk Released: सोनम वांगचुक हुए रिहा, जानिए गृह मंत्रालय क्यों लिया ये फैसला?
Sonam Wangchuk Letter From Jail:

लेह हिंसा के बाद गिरफ्तार हुए सामाजिक कार्यकर्ता को जोधपुर जेल में रखा गया. अभी तक उनकी पत्नी गीतांजलि सोनम से मिलने और रिहाई के लिए राष्ट्रपति तक से गुहार लगा चुकी हैं. लद्दाख में भी उनकी रिहाई के लिए स्थानीय नेता लगातार प्रयास कर रहे हैं. इसी बीच सोनम वांगचुक के लद्दाखवासियों के लिए जेल से पत्र लिखा है.

रविवार को सोनम के बड़े भाई त्सेतन दोरजे ले और अधिवक्ता मुस्तफा हाजी जोधपुर सेंट्रल जेल मिलने गए थे. पत्र में सोनम वांगचुक ने कहा कि वह वह जेल में रहने के लिए तैयार हैं. इसके पीछे का तर्क दिया कि लद्दाख के 4 लोगों की हत्या की एक स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए. जब तक ऐसा नहीं होता, तब तक वह जेल में रहने के लिए तैयार हैं.

स्वस्थ्य होने की दी जानकारी-

सोनम वांगचुक ने पत्र में सबसे पहले अपने स्वास्थ्य का हाल बताया. लिखा कि वह शारीरिक और मानसिक दोनों रूप से स्वस्थ हैं. कहा कि सभी की चिंता और प्रार्थनाओं के लिए धन्यवाद देता हूं. इससे पहले अभी तक स्थानीय नेता और उनकी पति सोनम की सेहत को बेहद चिंचित थीं.

आंदोलन पर क्या बोले?

सोनम ने आंदोल पर बात करते हुए कहा कि उन लोगों के परिवारों के प्रति मेरी हार्दिक संवेदना, जिन्होंने अपनी जान गंवाई और जो लोग घायल हुए हैं और गिरफ्तार हुए हैं. कहा कि उनके लिए मेरी प्रार्थनाएं हैं. इसके बाद सोनम ने जांच की मांग करते हुए कहा कि हमारे चार लोगों की हत्या की एक स्वतंत्र न्यायिक जांच होनी चाहिए और जब तक ऐसा नहीं होता, मैं जेल में रहने के लिए तैयार हूं.

दोहराई अपनी मांग-

पिछले कई सालों से सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक जिस मांग को कह रहे हैं. पत्र में भी उन्होंने उसका जिक्र किया. कहा कि वह छठी अनुसूची और राज्य का दर्जा पाने की हमारी वास्तविक संवैधानिक मांग में सर्वोच्च निकाय, केडीए और लद्दाख के लोगों के साथ दृढ़ता से खड़े हैं. लिखा कि सर्वोच्च निकाय लद्दाख के हित में जो भी कदम उठाएगा, वह तहे दिल से उनके साथ हैं.

26 प्रदर्शनकारियों को रिहा –

लद्दाख में हालिया हिंसा और तनाव के बीच प्रशासन ने बड़ा कदम उठाते हुए 26 प्रदर्शनकारियों को रिहा कर दिया है. वहीं प्रशासन ने चार लोगों की मौत के मामले में मजिस्ट्रेट जांच का आदेश दिया है, वहीं स्थानीय नेताओं ने न्यायिक जांच की मांग रखी है. प्रदर्शनकारियों को रिहा करने के प्रशासन के इस कदम के बाद लोगों के आक्रोश में कमी आने की संभावना है.

सोनम वांगचुक की पत्नी ने राष्ट्रपति को लिखा पत्र

इस बीच लद्दाख के पर्यावरण कार्यकर्ता और सामाजिक नेता सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंगमो ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से उनके पति की रिहाई के लिए हस्तक्षेप की अपील की है. वांगचुक को 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लेकर राजस्थान की जोधपुर जेल भेजा गया था. वह 24 सितंबर की हिंसक झड़प के बाद से जेल में बंद हैं.

राष्ट्रपति को संबोधित तीन पृष्ठों के पत्र में गीतांजलि आंगमो ने लिखा कि, “मेरे पति को पिछले चार वर्षों से लोगों के हितों के लिए काम करने की वजह से बदनाम किया जा रहा है. वह कभी भी किसी के लिए खतरा नहीं बन सकते. उन्होंने कहा कि वह नहीं जानतीं कि उनके पति किस हालात में हैं.

लद्दाख में क्यों हुआ था आंदोलन?

24 सितंबर को लद्दाख में हिंसा उस समय भड़की थी जब लोग केंद्र शासित प्रदेश को राज्य का दर्जा देने और संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे. लेह में हुई झड़पों में चार लोगों की मौत हो गई थी. इसके दो दिन बाद वांगचुक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया था.

खबरों के लिए जुड़े रहिए LIVING INDIA NEWS के साथ 24/7 LIVE

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *